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रेनॉल्ट इंडिया और IIT कानपुर के बीच समझौता (Img: AI)
New Delhi: भारत में कार बनाने और नई टेक्नोलॉजी के विकास की दिशा में एक अहम कदम उठाया गया है। Renault India और IIT कानपुर ने मिलकर काम करने का फैसला किया है और इसके लिए एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर साइन किए हैं। इस पहल का मकसद देश में ऑटोमोटिव रिसर्च, टेस्टिंग और डेवलपमेंट को मजबूत करना है।
इस पार्टनरशिप के जरिए, Renault India IIT कानपुर की अत्याधुनिक रिसर्च सुविधाओं का इस्तेमाल करेगी। कंपनी अपनी गाड़ियों की स्पीड, सुरक्षा, फ्यूल एफिशिएंसी और आराम को बेहतर बनाने के लिए नई टेक्नोलॉजी पर काम करेगी।
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रेनॉल्ट इंडिया IIT कानपुर की नेशनल विंड टनल फैसिलिटी (NWTF) का इस्तेमाल करेगी, जिसे तेज रफ्तार वाली कारों की टेस्टिंग के लिए बनाया गया है। यह सुविधा तेज रफ्तार पर गाड़ी के एरोडायनामिक्स और शोर के लेवल का एनालिसिस करने में मदद करती है, जिससे कार के डिजाइन और परफॉर्मेंस में सुधार करना आसान हो जाता है।
IIT कानपुर की यह सुविधा भारत की सबसे एडवांस्ड विंड टनल लैबोरेटरी में से एक है। अभी, यह 80 से 280 km/h की स्पीड पर टेस्टिंग में मदद करती है। भविष्य में होने वाले अपग्रेड से 400 km/h से ज्यादा की स्पीड पर भी टेस्टिंग हो सकेगी।
IIT कानपुर का कहना है कि इस पार्टनरशिप के जरिए होने वाली रिसर्च से ऑटोमोटिव सेक्टर को फायदा होगा। वहीं, रेनॉल्ट इंडिया का मानना है कि इस सहयोग से भारत में बेहतर और टेक्नोलॉजी के लिहाज से एडवांस्ड कारें बनाने में मदद मिलेगी।
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दोनों संस्थानों ने रिसर्च, डेटा सिक्योरिटी और इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी से जुड़े नियम तय किए हैं। ये गाइडलाइंस नई टेक्नोलॉजी विकसित करने के लिए एक सुरक्षित और पारदर्शी सहयोग प्रक्रिया को आसान बनाएंगी।
Location : New Delhi
Published : 10 July 2026, 4:20 PM IST