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उत्तर प्रदेश के 70 वर्षीय विनोद कुमार ने अपना पहला ब्लॉग बनाकर सोशल मीडिया पर तहलका मचा दिया। महज 48 घंटों में उनके वीडियो को 22 मिलियन से अधिक व्यूज मिले। उनकी सादगी, ईमानदारी और सीखने की चाह ने लोगों का दिल जीत लिया।
विनोद कुमार (Img: Google)
Lucknow: जहां अधिकतर लोग 70 की उम्र में जीवन की रफ्तार धीमी कर लेते हैं, वहीं उत्तर प्रदेश के विनोद कुमार ने इस उम्र में डिजिटल दुनिया में कदम रखकर एक नई मिसाल कायम की है। उन्होंने 70 वर्ष की आयु में अपना पहला ब्लॉग बनाया, जो देखते ही देखते सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।
महज 48 घंटों में उनके पहले वीडियो को 22.2 मिलियन से अधिक बार देखा गया, जिसने यह साबित कर दिया कि सीखने और कुछ नया करने की कोई उम्र नहीं होती।
विनोद कुमार के लिए ब्लॉगिंग न तो पेशा है और न ही प्रसिद्धि पाने का माध्यम। उनके लिए यह खुद को व्यस्त रखने, मनोरंजन करने और जीवन में नई खुशी तलाशने का तरीका है। उनका कहना है कि उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि उनका साधारण-सा वीडियो इतना पसंद किया जाएगा। उन्होंने यह कदम केवल इसलिए उठाया ताकि खाली समय को कुछ रचनात्मक तरीके से बिताया जा सके।
अपने पहले वीडियो में विनोद कुमार ने बेहद सादगी से स्वीकार किया कि उन्होंने आज से पहले कभी ब्लॉग नहीं बनाया था। कैमरे के सामने उनकी झिझक, शब्दों की सादगी और बच्चों जैसी मासूमियत ने लोगों का दिल जीत लिया। उन्होंने कहा कि उन्हें तकनीक की ज्यादा समझ नहीं है, लेकिन वह सीखने की कोशिश कर रहे हैं। यही ईमानदारी और सच्चाई उनके ब्लॉग की सबसे बड़ी ताकत बन गई।
सोशल मीडिया पर जैसे ही उनका वीडियो वायरल हुआ, कमेंट बॉक्स शुभकामनाओं और प्रशंसा से भर गया। लोगों ने उन्हें प्रेरणा बताया और कहा कि “उम्र सिर्फ एक नंबर है।” कई यूज़र्स ने लिखा कि विनोद कुमार ने यह साबित कर दिया कि नई चीज़ें सीखने का जज़्बा इंसान को हमेशा युवा बनाए रखता है। कुछ ने तो उन्हें “डिजिटल दादाजी” तक कह डाला।
विनोद कुमार की कहानी यह भी दिखाती है कि सोशल मीडिया अब केवल युवाओं तक सीमित नहीं रहा। बुजुर्ग भी अब इस प्लेटफॉर्म को आत्म-अभिव्यक्ति और मनोरंजन का माध्यम बना रहे हैं। उनकी सफलता ने न केवल उनके हमउम्र लोगों को प्रेरित किया है, बल्कि युवाओं को भी यह संदेश दिया है कि कभी भी कुछ नया शुरू किया जा सकता है।