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हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले से एक अनोखी और प्रेरणादायक खबर सामने आई है, जहां एचआरटीसी के एक बस चालक ने अपने पेशे के प्रति प्रेम दिखाते हुए घर की छत पर हूबहू रोडवेज बस जैसा कमरा बनवा दिया। यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
घर की छत पर बना बसनुमा कमरा (Img: X)
Chamba: नौकरी सिर्फ बोझ नहीं, कभी-कभी गर्व और सुकून का जरिया बन जाती है। इसका ऐसा ही एक अनोखा और प्रेरणादायक उदाहरण हिमाचल प्रदेश से सामने आया है, जहां एक बस चालक ने अपने पेशे के प्रति ऐसा प्रेम दिखाया कि वह सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया।
हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले के सिहुंता क्षेत्र के ककरोटी गांव में रहने वाले एचआरटीसी (हिमाचल पथ परिवहन निगम) के बस चालक श्रीधर ने अपने घर की छत पर हूबहू रोडवेज बस जैसा कमरा बनवा दिया। लकड़ी और टीन से बने इस ढांचे को हरे और सफेद रंग में रंगा गया है, जो बिल्कुल एचआरटीसी बस जैसा नजर आता है। इसमें सीटें, स्टीयरिंग, खिड़कियां और पहियों जैसी आकृतियां भी बनाई गई हैं।
दूर से देखने पर कोई भी इसे असली सरकारी बस समझ सकता है। यही कारण है कि यह अनोखा निर्माण पूरे इलाके में कौतूहल का विषय बन गया है।
श्रीधर बताते हैं कि उन्होंने सालों तक बस चलाते हुए इसे सिर्फ नौकरी नहीं, बल्कि अपनी जिंदगी का अहम हिस्सा माना। यात्रियों को सुरक्षित मंजिल तक पहुंचाना और पहाड़ों के कठिन रास्तों पर बस चलाना उनके लिए गर्व की बात रही है। इसी भावना को उन्होंने अपने घर की छत पर उतार दिया।
उनका यह कदम बताता है कि अगर इंसान अपने काम से प्यार करे, तो वह काम सिर्फ ड्यूटी नहीं रहता, बल्कि जुनून बन जाता है।
आज श्रीधर का घर किसी दर्शनीय स्थल से कम नहीं है। आसपास के गांवों से लोग इस छत वाली बस को देखने आ रहे हैं और तस्वीरें खींच रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्होंने पहली बार किसी सरकारी कर्मचारी को अपनी नौकरी से इतना जुड़ा हुआ देखा है।
इस बसनुमा कमरे का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। लाखों व्यूज और हजारों लाइक्स के साथ यूजर्स मजेदार और भावुक प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। कोई इसे “सच्चा कर्मयोगी” बता रहा है तो कोई कह रहा है कि ऐसा समर्पण आज के दौर में बहुत कम देखने को मिलता है।