Rudraprayag News: आपदा से पहले अलर्ट मोड में प्रशासन, रुद्रप्रयाग में हुआ खास अभ्यास

रुद्रप्रयाग में आपदा प्रबंधन की तैयारियों को धार देने के लिए फायर सर्विस और एसडीआरएफ ने संयुक्त अभ्यास किया। रोप-रेस्क्यू, क्लाइम्बिंग और स्ट्रेचर रेस्क्यू जैसी तकनीकों के जरिए आपात स्थितियों में त्वरित राहत के गुर सिखाए गए।

Post Published By: Tanya Chand
Updated : 7 January 2026, 12:42 PM IST
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Rudraprayag: जनपद रुद्रप्रयाग में आपदा प्रबंधन और आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित राहत एवं बचाव कार्यों को और अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से फायर स्टेशन रुद्रप्रयाग और राज्य आपदा प्रतिवादन बल (एस.डी.आर.एफ) द्वारा संयुक्त अभ्यास (Joint Exercise) का आयोजन किया गया। इस अभ्यास का उद्देश्य संभावित प्राकृतिक आपदाओं के दौरान समन्वित और तेज रेस्क्यू ऑपरेशन सुनिश्चित करना था।

पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में हुआ अभ्यास

यह संयुक्त अभ्यास पुलिस अधीक्षक रुद्रप्रयाग के निर्देशन में तथा प्रभारी अग्निशमन अधिकारी रुद्रप्रयाग और प्रभारी एस.डी.आर.एफ के कुशल नेतृत्व में संपन्न हुआ। अभ्यास में दोनों विभागों के अनुभवी अधिकारियों और प्रशिक्षित कर्मियों ने सक्रिय सहभागिता की और आपदा से निपटने की अपनी तैयारियों का प्रदर्शन किया।

रोप-रेस्क्यू तकनीक का प्रशिक्षण

अभ्यास के दौरान रोप-रेस्क्यू तकनीक पर विशेष जोर दिया गया। दुर्गम और पहाड़ी क्षेत्रों में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए विभिन्न प्रकार की गांठें (Knots) बांधने का अभ्यास कराया गया। कर्मियों को यह सिखाया गया कि सीमित संसाधनों में भी किस तरह सुरक्षित और प्रभावी रेस्क्यू किया जा सकता है।

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क्लाइम्बिंग और जुमारिंग की उन्नत तकनीकें

एस.डी.आर.एफ के प्रशिक्षकों द्वारा फायर सर्विस और एसडीआरएफ कर्मियों को पहाड़ी इलाकों में चढ़ाई (Climbing) और जुमारिंग की उन्नत तकनीकों का गहन प्रशिक्षण दिया गया। यह प्रशिक्षण खास तौर पर उन परिस्थितियों के लिए उपयोगी है, जहां भूस्खलन या पहाड़ी दरारों में लोग फंस जाते हैं।

स्ट्रेचर रेस्क्यू का जीवंत प्रदर्शन

अभ्यास के दौरान खाई, ढलान और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों से घायलों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए स्ट्रेचर रेस्क्यू का जीवंत प्रदर्शन किया गया। इसमें यह दिखाया गया कि घायल व्यक्ति को बिना अतिरिक्त चोट पहुंचाए किस प्रकार सुरक्षित स्थान तक पहुंचाया जा सकता है।

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समन्वय और तालमेल पर विशेष फोकस

इस संयुक्त अभ्यास का मुख्य उद्देश्य फायर सर्विस और एस.डी.आर.एफ के बीच आपसी समन्वय और तालमेल को और अधिक सुदृढ़ बनाना था। भूस्खलन, नदी किनारे दुर्घटना, गहरी खाई या पर्वतीय क्षेत्रों में फंसे व्यक्तियों को बचाने के लिए विभागों के बीच बेहतर तालमेल अत्यंत आवश्यक है।

आपदा के समय त्वरित कार्रवाई का लक्ष्य

अधिकारियों ने बताया कि वास्तविक आपदा की स्थिति में कम से कम समय में प्रभावी रेस्क्यू ऑपरेशन चलाने के लिए इस प्रकार के अभ्यास बेहद जरूरी हैं। इससे कर्मियों की कार्यकुशलता बढ़ती है और जन-धन की हानि को न्यूनतम किया जा सकता है।

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भविष्य में भी जारी रहेंगे संयुक्त अभ्यास

संयुक्त अभ्यास के दौरान फायर स्टेशन रुद्रप्रयाग और एस.डी.आर.एफ की टीम ने अपनी तत्परता और पेशेवर दक्षता का परिचय दिया। अधिकारियों ने बताया कि आगामी समय में भी इस तरह के संयुक्त अभ्यास नियमित रूप से आयोजित किए जाएंगे, ताकि किसी भी आकस्मिक आपदा से प्रभावी ढंग से निपटा जा सके।

Location : 
  • Rudraprayag

Published : 
  • 7 January 2026, 12:42 PM IST

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