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उत्तराखंड में भाजपा 2027 में हैट्रिक लगाने की तैयारी में है, लेकिन राज्य सरकार के खिलाफ जनता की नाराजगी इस कदर बढ़ रही है कि बुनियादी सुविधाओं की मांग को लेकर लोगों को विधानसभा कूच करना पड़ रहा है। मंगलवार को चोरड़ा गांव की महिलाएं विधानसभा परिसर तक जा पहुंची।
प्रदर्शनकारी महिलाएं
Chamoli: उत्तराखंड सरकार और भाजपा संगठन 2026-27 के बजट को जनहित में बता रहे हैं। सरकार और संगठन का इरादा है कि आगामी 2027 के चुनाव में हैट्रिक लगाकर फिर से सत्ता में लौटा जाए, लेकिन गैरसैण में बजट सत्र के दौरान जनता की जो नाराजगी सामने आ रही है, उसे नजरंदाज करना सरकार के लिए भारी पड़ सकता है। जनता के आक्रोश का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि बुनियादी सुविधाओं की मांग को लेकर लोगों को विधानसभा कूच करना पड़ रहा है। मंगलवार को चोरड़ा-भराड़ीसैंण मोटर मार्ग की मांग को लेकर चोरड़ा गांव की महिलाएं विधानसभा परिसर तक पहुंच गई।
उल्लेखनीय है कि उत्तराखंड राज्य के गठन में मातृशक्ति की अग्रणी भूमिका रही है। मातृशक्ति को लगता था कि अलग राज्य बन जाने के बाद पहाड़ों की विकास योजनाएं पहाड़ों के हिसाब से बन जाएंगी और यहां का जन-जीवन खुशहाल हो सकेगा, लेकिन राज्य गठन के 25 साल बाद भी उन्हें सड़क, बिजली, पानी जैसी बुनियादी सुविधाओं के लिए तरसना पड़ रहा है। ताजा उदाहरण सामने है कि मंगलवार को चोरड़ा -भराड़ीसैंण मोटर मार्ग की मांग को लेकर चोरड़ा की महिलाओं को विधानसभा कूच करना पड़ा।
दरअसल, गैरसैंण के भराड़ीसैंण से करीब चार किलोमीटर की दूरी पर चोरड़ा गांव है। जहां बकरिया बैंड से चोरड़ा के लिए पीएमजीएसवाई के तहत सड़क तो बनी है, लेकिन ग्रामीणों का कहना है कि उन्हें सीधे भराड़ीसैंण से जोड़ा जाए, क्योंकि बकरिया बैंड से होकर जाने से उनका काफी समय बर्बाद हो जाता है। इसके अलावा यह सड़क काफी खस्ताहाल स्थिति में है।
पुलिस ने विधानसभा परिसर पहुंची महिलाओं को हिरासत में लिया और अस्थायी जेल माल्सी भेज दिया। करीब 40 महिलाएं ग्राम प्रधान सूरजसिंह के नेतृत्व में तमाम सुरक्षा इंतजामों को तोड़कर विधानसभा परिसर तक पहुंचने में सफल रहीं। वहां उन्होंने जोरदार ढंग से अपनी आवाज बुलंद की।
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गौरतलब है कि चोरड़ा गांव की महिलाएं सड़क की मांग को लेकर पहले भी सत्र के दौरान भराड़ीसैंण स्थित विधानसभा भवन के समक्ष प्रदर्शन कर चुकी हैं। इसके अलावा वे जनप्रतिनिधियों तक भी अपनी आवाज पहुंचा चुकी हैं, लेकिन अब तक कोई सुनवाई नहीं होने के कारण वे आज मंगलवार को इतनी आक्रोशित हो गईं कि विधानसभा परिसर तक जा पहुंची।