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नैनीताल के कैंची धाम में आधुनिक सुविधाओं का निर्माण तेजी से जारी। मेडिटेशन सेंटर, डिस्पेंसरी, पथवे और हाईटेक शौचालय सहित व्यवस्थाएं तैयार हो रही हैं, जिससे श्रद्धालुओं को सुरक्षित और शांतिपूर्ण अनुभव मिलेगा।
नैनीताल के कैंची धाम में आधुनिक सुविधाओं का विकास (Img- Internet)
Nainital: उत्तराखंड के नैनीताल जिले के प्रसिद्ध कैंची धाम में श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए बुनियादी सुविधाओं का विस्तार तेजी से किया जा रहा है। धाम परिसर में डिस्पेंसरी, पथवे, अत्याधुनिक शौचालय और पुलिस चौकी जैसी व्यवस्थाओं का निर्माण किया जा रहा है। इसका उद्देश्य है कि यहां आने वाले भक्तों को किसी भी आपात स्थिति में तुरंत सहायता मिल सके।
धाम में स्थापित होने वाली डिस्पेंसरी के जरिए अचानक तबीयत बिगड़ने पर श्रद्धालुओं को तुरंत दवा और प्राथमिक उपचार उपलब्ध होगा। इससे यात्रा और अधिक सुरक्षित होगी और श्रद्धालु अपने आध्यात्मिक अनुभव पर पूरी तरह ध्यान केंद्रित कर सकेंगे।
ध्यान साधना के इच्छुक भक्तों के लिए धाम में विशेष मेडिटेशन सेंटर का निर्माण किया जा रहा है। यह केंद्र पर्यटन विभाग की भूमि पर लगभग 900 वर्ग मीटर क्षेत्र में विकसित किया जा रहा है। केंद्र का डिज़ाइन ‘हट’ जैसी संरचना में रखा गया है, जिससे प्राकृतिक वातावरण में बैठकर साधना करने वाले भक्तों को सहजता का अनुभव हो। यह सेंटर एक समय में लगभग 30 लोगों को ध्यान की सुविधा देगा।
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए निर्माण कार्य (Img- Internet)
कैंची धाम में प्रतिवर्ष लाखों श्रद्धालु आते हैं। कई भक्त लंबे समय तक ध्यान में बैठना चाहते हैं, लेकिन वर्तमान में उनके लिए कोई अलग और सुरक्षित जगह उपलब्ध नहीं थी। अक्सर लोग मंदिर प्रांगण या खुले स्थानों में ध्यान करते हैं, जहां भीड़ और आवाजाही के कारण एकाग्रता बाधित होती है। मेडिटेशन सेंटर के निर्माण से श्रद्धालुओं को अलग, शांत और सुरक्षित स्थान मिलेगा।
धाम में हो रहे निर्माण कार्य केंद्र सरकार की चैलेंज बेस्ड डेस्टिनेशन डेवलपमेंट योजना के तहत संचालित हैं। लगभग 17.59 करोड़ रुपये की लागत से मेडिटेशन सेंटर, डिस्पेंसरी, पथवे और हाईटेक शौचालय जैसी सुविधाएं तैयार की जा रही हैं।
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निर्माण कार्य पूर्ण होने के बाद कैंची धाम आधुनिक सुविधाओं से लैस एक प्रमुख आध्यात्मिक केंद्र के रूप में और अधिक पहचान हासिल करेगा। श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुविधा संपन्न और शांतिपूर्ण अनुभव मिलेगा, जिससे धाम का आध्यात्मिक महत्व और पर्यटन आकर्षण बढ़ेगा।