भारत माता के लाल को अंतिम सलाम: रुद्रप्रयाग ने नम आंखों से दी वीर सपूत को विदाई, गांव से संगम तक उमड़ा जनसैलाब

15 गढ़वाल राइफल्स के हवलदार रविन्द्र सिंह अरुणाचल प्रदेश में ड्यूटी के दौरान शहीद हो गए। मंगलवार को उनका पार्थिव शरीर पैतृक गांव लाया गया और रुद्रप्रयाग के संगम पर पूरे सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया।

Post Published By: Tanya Chand
Updated : 20 January 2026, 5:12 PM IST
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Rudraprayag: देश की रक्षा करते हुए अपने प्राणों की आहुति देने वाले दशज्यूला पट्टी के आगर गांव निवासी भारतीय सेना के जवान हवलदार रविन्द्र सिंह को मंगलवार को नम आंखों से अंतिम विदाई दी गई। अलकनंदा और मंदाकिनी के पावन संगम, रुद्रप्रयाग में पूरे सैन्य सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान क्षेत्र “भारत माता की जय” और “शहीद अमर रहें” के नारों से गूंज उठा।

15 गढ़वाल राइफल्स में तैनात 36 वर्षीय हवलदार रविन्द्र सिंह पुत्र सतेंद्र सिंह राणा वर्तमान में अरुणाचल प्रदेश के अलोंग में तैनात थे। 18 जनवरी 2026 को ड्यूटी के दौरान उन्होंने देश की रक्षा करते हुए सर्वोच्च बलिदान दिया। शहादत की खबर जैसे ही गांव और जनपद में पहुंची, पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई।

मंगलवार प्रातः लगभग सात बजे शहीद जवान का पार्थिव शरीर उनके पैतृक गांव आगर (दशज्यूला पट्टी) लाया गया। गांव पहुंचते ही हर आंख नम हो गई। परिजन, रिश्तेदार, ग्रामीणों के साथ-साथ जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी अंतिम दर्शन के लिए उमड़ पड़े। महिलाओं की रुलाई और बुजुर्गों की नम आंखें इस बात की गवाही दे रही थीं कि गांव ने अपना एक सपूत खो दिया है।

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इसके पश्चात शहीद की अंतिम यात्रा गांव से रुद्रप्रयाग के लिए निकाली गई। जगह-जगह लोगों ने पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। जैसे ही पार्थिव शरीर अलकनंदा और मंदाकिनी संगम पर पहुंचा, सेना के जवानों ने गार्ड ऑफ ऑनर दिया। सैन्य परंपराओं के अनुसार पूरे सम्मान के साथ शहीद का अंतिम संस्कार संपन्न कराया गया।

सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार

इस दौरान सेना के अधिकारियों ने शहीद के साहस, कर्तव्यनिष्ठा और राष्ट्रभक्ति को याद करते हुए कहा कि हवलदार रविन्द्र सिंह ने देश के लिए जो बलिदान दिया है, वह आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा रहेगा। प्रशासन की ओर से भी शहीद को श्रद्धांजलि अर्पित की गई और परिवार को हर संभव सहायता का आश्वासन दिया गया।

शहीद रविन्द्र सिंह अपने पीछे पत्नी, एक पुत्र और एक पुत्री को छोड़ गए हैं। परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है, लेकिन उन्हें इस बात का गर्व भी है कि उनके घर का बेटा देश के लिए शहीद हुआ। शहीद के पिता और परिजनों ने कहा कि रविन्द्र बचपन से ही देश सेवा का सपना देखते थे और उन्होंने अंतिम सांस तक अपने कर्तव्य का निर्वहन किया।

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शहादत की खबर से पूरे रुद्रप्रयाग जनपद में शोक का माहौल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि दशज्यूला पट्टी ने एक और वीर सपूत खो दिया है। गांव में चूल्हे नहीं जले और हर घर में मातम पसरा रहा।

शहीद जवान की कुर्बानी को लोग कभी नहीं भूलेंगे। उनका नाम क्षेत्र के इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में दर्ज रहेगा। देश की रक्षा में अपने प्राण न्योछावर करने वाले हवलदार रविन्द्र सिंह को पूरा उत्तराखंड नमन करता है।

Location : 
  • Rudraprayag

Published : 
  • 20 January 2026, 5:12 PM IST

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