Ganga Dussehra 2026: ‘हर-हर गंगे’ के उद्घोष से गूंजी देवभूमि, गंगोत्री धाम से हरिद्वार तक उमड़ा आस्था का सैलाब

Ganga Dussehra 2026: मां गंगा के धरा अवतरण पर्व पर गंगोत्री धाम और धर्मनगरी हरिद्वार में श्रद्धा का सैलाब उमड़ा है। लाखों श्रद्धालु घाटों पर आस्था की डुबकी लगा रहे हैं। जानिए गंगा दशहरा पर्व के इस पावन मौके का पूरा हाल।

Post Published By: Tanya Chand
Updated : 25 May 2026, 9:46 AM IST
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Haridwar: मोक्षदायिनी मां गंगा (भागीरथी) के पृथ्वी पर अवतरण के पावन पर्व 'गंगा दशहरा' पर आज उत्तराखंड के प्रमुख तीर्थ स्थलों में श्रद्धा, आस्था और भक्ति का एक अलौकिक नजारा देखने को मिल रहा है। उत्तरकाशी स्थित विश्व प्रसिद्ध गंगोत्री धाम से लेकर धर्मनगरी हरिद्वार के पावन घाटों तक, सुबह से ही लाखों श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी हुई है। मान्यता है कि आज ही के दिन भगीरथ की कठिन तपस्या से प्रसन्न होकर मां गंगा स्वर्ग से धरती पर अवतरित हुई थीं, इसलिए आज के दिन गंगा स्नान का विशेष महत्व है।

गंगोत्री धाम में 'हर-हर गंगे' की गूंज और वैदिक मंत्रोच्चार

विश्व प्रसिद्ध गंगोत्री धाम मंदिर परिसर में सुबह की पहली किरण के साथ ही आध्यात्मिक माहौल बन गया। पूरा क्षेत्र वैदिक मंत्रोच्चारण, शंखध्वनि और 'हर-हर गंगे' के गगनभेदी उद्घोष से गुंजायमान है। देश-विदेश से पहुंचे हजारों श्रद्धालु भागीरथी नदी के अत्यंत पवित्र और शीतल जल में डुबकी लगाकर पुण्य लाभ अर्जित कर रहे हैं। हिमालय की वादियों के बीच स्थित इस धाम में मां गंगा के दर्शन और स्नान के लिए श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बन रहा है।

धर्मनगरी हरिद्वार के घाटों पर उमड़ा आस्था का महासैलाब

उत्तराखंड के मैदानी प्रवेश द्वार और पौराणिक धर्मनगरी हरिद्वार में तो आस्था का मानो समुद्र ही उमड़ पड़ा है। ब्रह्ममुहूर्त (सुबह तड़के) से ही विश्व प्रसिद्ध हरकी पैड़ी और उसके आसपास के तमाम घाटों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखी जा रही है। उत्तर प्रदेश, दिल्ली, पंजाब, हरियाणा और राजस्थान सहित देश के विभिन्न राज्यों से आए श्रद्धालु मां गंगा की पावन धारा में पुण्य की डुबकी लगा रहे हैं। घाटों का नजारा पूरी तरह शिवमय और गंगा मय हो चुका है।

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स्नान, दीपदान और दान-पुण्य से दस पापों का नाश

पवित्र स्नान के बाद श्रद्धालु घाटों पर विशेष पूजा-अर्चना कर रहे हैं। इस अवसर पर मां गंगा की आरती उतारी जा रही है और दीपदान का सिलसिला भी जारी है। सनातन परंपरा के अनुसार, गंगा दशहरा के दिन गंगा स्नान और अपनी क्षमता अनुसार दान-पुण्य करने से इंसान के कायिक, मानसिक और वाचिक समेत दस प्रकार के पापों का सर्वनाश होता है। इसी आस्था के चलते घाटों के साथ-साथ हरिद्वार और उत्तरकाशी के प्रमुख मंदिरों में भी विशेष पूजन और भंडारों के आयोजन किए जा रहे हैं।

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सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन के लिए प्रशासन मुस्तैद

गंगा दशहरा पर उमड़ने वाली भारी भीड़ को देखते हुए स्थानीय प्रशासन और पुलिस विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। सुरक्षा व्यवस्था और सुगम यातायात के लिए बेहद पुख्ता और खास इंतजाम किए गए हैं। प्रमुख गंगा घाटों, चौराहों और मुख्य मार्गों पर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है। इसके अलावा, जल पुलिस और गोताखोरों की टीमें लगातार घाटों पर निगरानी रख रही हैं ताकि श्रद्धालु बिना किसी असुविधा और डर के सुरक्षित तरीके से स्नान कर सकें।

Location :  Haridwar

Published :  25 May 2026, 9:37 AM IST

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