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पौड़ी में आयोजित बहुस्तरीय आपदा मॉक ड्रिल में नदी उफान, भूस्खलन, बस दुर्घटना और जंगल की आग जैसी घटनाओं पर त्वरित राहत एवं बचाव कार्यों का अभ्यास किया गया। प्रशासन और एसडीआरएफ की तत्परता से तैयारियों की प्रभावशीलता परखी गई।
जानकारी देती प्रभारी अपर जिलाधिकारी एवं संयुक्त मजिस्ट्रेट दीक्षिता जोशी
Pauri: सीएम पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों के क्रम में मंगलवार को जनपद पौड़ी में चार अलग-अलग स्थानों पर आपदा मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। इस दौरान प्रशासन, एसडीआरएफ, अग्निशमन और वन विभाग की टीमों ने बस दुर्घटना, नदी में बाढ़, भूस्खलन और जंगल में आग जैसी संभावित आपदाओं से निपटने का अभ्यास किया। इस पूरे अभ्यास की निगरानी कलेक्ट्रेट स्थित मुख्य कंट्रोल रूम से की गई।
सुबह 10:01 बजे कोटद्वार क्षेत्र में खोह नदी का जलस्तर बढ़ने से झूलाबस्ती में 15 परिवारों के 48 लोगों के फंसे होने की सूचना प्राप्त हुई। सूचना मिलते ही राहत एवं बचाव दल मौके पर पहुंचे और सभी लोगों को सुरक्षित बाहर निकालकर रिलीफ कैंप में पहुंचाया। चार घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया। नदी के बीच टापू में फंसे दो लोगों को एसडीआरएफ टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया।
सुबह 10:11 बजे थलीसैंण तहसील के केन्यूर क्षेत्र में भूस्खलन की घटना का अभ्यास किया गया। यहां 15-20 लोगों के फंसे होने की आशंका जताई गई थी। राहत कार्य के दौरान नौ लोग घायल मिले। इनमें से तीन गंभीर घायलों को एयरलिफ्ट कर ऋषिकेश भेजा गया, जबकि छह का उपचार स्थानीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में किया गया।
सुबह 10:20 बजे धुमाकोट- नैनीडांडा मोटर मार्ग पर मिनी बस दुर्घटना की स्थिति बनाई गई। बस में 15 यात्री सवार थे, जिनमें दो की मौके पर मृत्यु दर्शाई गई। आठ घायलों को सीएचसी में भर्ती कराया गया, जबकि दो गंभीर घायलों में से एक को एयरलिफ्ट कर ऋषिकेश और दूसरे को कोटद्वार अस्पताल भेजा गया। तीन लापता लोगों को सर्च अभियान चलाकर एक घंटे के भीतर सुरक्षित ढूंढ लिया गया।
सुबह 10:21 बजे नागदेव रेंज के बुवाखाल क्षेत्र में जंगल में आग लगने की सूचना पर मॉक अभ्यास किया गया। आग बुझाने के दौरान एक फायर वाचर घायल हो गया, जिसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। एसडीआरएफ, अग्निशमन और वन विभाग की टीमों ने संयुक्त रूप से कार्रवाई करते हुए आग पर समय रहते काबू पा लिया।
जिलाधिकारी स्वाति एस भदौरिया के निर्देशन में आयोजित इस अभ्यास में सभी विभागों ने समन्वय के साथ कार्य किया। प्रभारी अपर जिलाधिकारी दीक्षिता जोशी ने बताया कि सभी घटनाओं में त्वरित प्रतिक्रिया दी गई और राहत एवं बचाव कार्य प्रभावी ढंग से पूरा हुआ।