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देहरादून के विकास नगर में 2026 बजट के बाद पान मसाला, गुटखा और धूम्रपान सामग्री के दाम दोगुने हो गए। हेल्थ सेस और मैन्युफैक्चरिंग बंद होने के कारण सप्लाई प्रभावित हुई।
पान मसाला के दामों में बड़ा उछाल
Dehradun: विकास नगर इलाके में 2026 के बजट के बाद पान मसाला, गुटखा और अन्य धूम्रपान सामग्री के दामों में अचानक वृद्धि देखी गई। स्थानीय दुकानदारों का कहना है कि जो उत्पाद पहले लगभग 125 रुपए प्रति पैकेट में उपलब्ध थे, उनके दाम अब लगभग दोगुने हो गए हैं। इस बढ़ोतरी से ग्राहकों की खरीदारी पर भी असर पड़ा है और कई नियमित धूम्रपान करने वालों ने अपनी खपत कम कर दी है।
डिस्ट्रीब्यूटर प्रेम गुप्ता का कहना है कि कीमतों में बढ़ोतरी का मुख्य कारण 2026 के बजट में लागू हुए नए टैक्स हैं। सरकार ने गुटखा और अन्य पान मसाला उत्पादों में हेल्थ सेस लगाया है, जिसकी राशि 2 से 8 करोड़ रुपए प्रति मैन्युफैक्चरिंग मशीन तक है। इस नए टैक्स के चलते कई कंपनियों ने मैन्युफैक्चरिंग बंद कर दी, जिससे सप्लाई में कमी आई और दाम बढ़ गए।
गुटखा और पान मसाला बनाने वाली कई कंपनियों ने इस भारी टैक्स और बढ़ती लागत के चलते अपना उत्पादन बंद कर दिया है। इसके अलावा कुछ कंपनियों ने सरकार के खिलाफ मुकदमे भी दर्ज कराए हैं। उद्योग विशेषज्ञों का कहना है कि उत्पादन में कमी और बढ़ती डिमांड के कारण बाज़ार में कीमतें असामान्य रूप से बढ़ गई हैं।
प्रेम गुप्ता डिस्ट्रीब्यूटर
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विकास नगर के दुकानदारों का कहना है कि पहले 125 रुपए में मिलने वाले पैकेट अब 250 रुपए या उससे अधिक कीमत पर बिक रहे हैं। ग्राहकों का कहना है कि धूम्रपान और गुटखा अब पहले जैसा सस्ता विकल्प नहीं रह गया है। इसके चलते कई लोगों ने धूम्रपान कम करने का फैसला किया है।
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विशेषज्ञों का मानना है कि बजट में हेल्थ सेस का उद्देश्य स्वास्थ्य सुधार को बढ़ावा देना है। हालांकि, इसके चलते सप्लाई चेन प्रभावित हुई है और बाज़ार में अस्थिरता पैदा हुई है। उन्होंने सुझाव दिया है कि सरकार को उत्पादन प्रभावित हुए क्षेत्रों में सपोर्ट देना चाहिए ताकि कीमतें नियंत्रित रह सकें और उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त भार न पड़े।