जान जोखिम में डाल कलम थामने की जिद! उत्तराखंड में 1 साल बाद भी नहीं बना पुल, उफनती नदी पार करने को मजबूर नौनिहाल

पौड़ी के चौबट्टाखाल में 1 साल पहले बहा पुल आज तक नहीं बन सका। उफनती नदी पार कर जान जोखिम में डालने को मजबूर स्कूली बच्चे। जंगली जानवरों के डर से नदी का खतरनाक रास्ता चुनने की मजबूरी। जानिए क्यों सोया है प्रशासन

Post Published By: Tanya Chand
Updated : 12 August 2026, 12:55 PM IST
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Dehradun: उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों से अक्सर बदहाल व्यवस्थाओं की तस्वीरें सामने आती रहती हैं, लेकिन पौड़ी जिले के चौबट्टाखाल विधानसभा क्षेत्र से आई तस्वीर दिल दहला देने वाली है। यहां शिक्षा हासिल करने की ललक बच्चों को हर रोज मौत के मुंह में धकेल रही है। अगस्त 2025 में भारी बारिश के दौरान जो पुल नदी के तेज बहाव में बह गया था, उसे एक साल बीत जाने के बाद भी दोबारा नहीं बनाया जा सका है।

जंगल के खौफ से बेहतर लगा नदी का खतरा

पुल न होने के कारण ग्रामीणों के सामने विकट संकट खड़ा हो गया है, लेकिन सबसे बुरी मार स्कूली बच्चों पर पड़ रही है। स्कूल पहुँचने के लिए बच्चों के पास केवल दो ही रास्ते बचते हैं पहला उफनती नदी को पार करना और दूसरा 5 किलोमीटर लंबा घना जंगल। जंगल में हिंसक जंगली जानवरों का हमला होने का डर हर पल बना रहता है, इसलिए मासूमों को उफनती नदी की तेज धाराओं के बीच से होकर गुजरना ज्यादा सुरक्षित महसूस होता है।

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स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश, मंत्री से गुहार

उक्रांद नेता बलवंत गुसाईं और स्थानीय ग्रामीण प्रमोद रावत का कहना है कि पुल बहने के बाद से कई गांवों का संपर्क आपस में पूरी तरह कट चुका है। ग्रामीणों द्वारा लगातार मांग किए जाने के बाद भी लोक निर्माण विभाग और स्थानीय विधायक सतपाल महाराज की ओर से कोई ठोस पहल नहीं हुई है। ग्रामीण इस बात से सख्त नाराज हैं कि बच्चों की जिंदगी दांव पर लगने के बावजूद भी व्यवस्थाएं क्यों सोई हुई हैं।

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प्रशासन का एक ही रटा-रटाया जवाब

इस पूरे मामले पर जब जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया से सवाल किया गया, तो उन्होंने कहा कि बारिश से क्षतिग्रस्त हुए सभी पुलों की रिपोर्ट तैयार की जा रही है। उन्होंने आश्वासन दिया है कि रिपोर्ट के आधार पर ही निर्माण कार्य को मंजूरी दी जाएगी और पुलों को दोबारा बनाया जाएगा। हालांकि, सवाल यह उठता है कि आखिर कब तक मासूम बच्चे अपनी जान हथेली पर रखकर स्कूल जाने को मजबूर रहेंगे?

Location :  Pauri

Published :  12 August 2026, 12:55 PM IST

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