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देहरादून में एक अहम पुल परियोजना तय समय सीमा के करीब पहुंचकर भी अधूरी पड़ी है, जिससे स्थानीय लोगों की परेशानियां बढ़ती जा रही हैं। काम की धीमी रफ्तार और सुरक्षा लापरवाही ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, जिन पर अब चर्चा तेज हो गई है।
अधूरा पड़ा पुल निर्माण (सोर्स- डाइनामाइट न्यूज़)
Dehradun: उत्तराखंड की राजधानी देहरादून के डोईवाला विधानसभा क्षेत्र के बुल्ला वाला में लंबे समय से पुल निर्माण की मांग थी। 4 अक्टूबर 2024 को सुसवा नदी पर पुल निर्माण कार्य शुरू हुआ था। कार्यदायी संस्था को इसे 3 अप्रैल 2026 तक पूरा करना था, लेकिन अभी तक 50% भी काम पूरा नहीं हुआ है।
लगातार देरी और अधूरा कार्य कार्यदायी संस्था की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर रहा है। ग्रामीणों और स्थानीय नेताओं ने इस संस्था की जवाबदेही पर चिंता जताई है। अब इस पर फिर से जनता और प्रशासन दोनों के दबाव बढ़ते नजर आ रहे हैं।
निर्माण कार्य में लगे मजदूर सुरक्षा मानकों का पालन नहीं कर रहे हैं। हेलमेट और अन्य सुरक्षा उपकरण का उपयोग नहीं किया जा रहा है। इससे न केवल कार्य प्रभावित हो रहा है बल्कि मजदूरों की सुरक्षा भी खतरे में है।
बुल्ला वाला पुल (सोर्स- डाइनामाइट न्यूज़)
जल्द ही मानसून सीजन शुरू होने वाला है। अधूरा कार्य और सुरक्षा मानकों की अनदेखी के कारण निर्माण प्रभावित हो सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि समय पर तैयार न होने पर पुल के उपयोग में और देरी होगी।
स्थानीय लोगों की उम्मीद थी कि पुल निर्माण कार्य समय पर पूरा होगा और बुल्ला वाला-सत्ती वाला मार्ग खुल जाएगा। लेकिन अब यह सवाल उठ रहा है कि आखिर कब तक पुल बनकर तैयार होगा और जनता को इसका लाभ मिलेगा।
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स्थानीय प्रशासन ने पुल निर्माण की स्थिति पर फिलहाल कोई ठोस बयान नहीं दिया है। वहीं, ग्रामीण और सामाजिक संगठन लगातार दबाव बना रहे हैं कि कार्यदायी संस्था समय पर पुल पूरा करे। जनता में असंतोष बढ़ रहा है और लोग जल्द पुल बनने की उम्मीद कर रहे हैं। सभी का कहना है कि अधूरा काम और सुरक्षा मानकों की अनदेखी गंभीर चिंता का विषय है और इसे तुरंत सुधारा जाना चाहिए।