Almora में राहत की सांस: रेस्क्यू सेंटर भेजा गया बाघ, अब फिर स्कूलों में होगी रौनक

Almora के सल्ट में बाघ का आतंक खत्म! विशेषज्ञों की टीम ने ट्रैंकुलाइज कर हिंसक बाघ को पकड़ा। महिपाल सिंह की जान लेने वाले इस बाघ को अब रामनगर रेस्क्यू सेंटर भेजा गया है। जानिए कैसे सफल हुआ वन विभाग का यह बड़ा सर्च ऑपरेशन।

Post Published By: Tanya Chand
Updated : 12 May 2026, 3:31 PM IST
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Almora: उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले के सल्ट क्षेत्र से एक बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है। कार्बेट और कालागढ़ टाइगर रिजर्व से सटे तड़म गांव में पिछले काफी समय से दहशत फैला रहे बाघ को आखिरकार वन विभाग की टीम ने पकड़ लिया है। इस बाघ ने एक ग्रामीण की जान ले ली थी, जिसके बाद से पूरे इलाके में सन्नाटा पसरा हुआ था। विशेषज्ञ शूटरों की टीम ने एक सटीक रणनीति के तहत बाघ को बेहोश (ट्रैंकुलाइज) किया और सुरक्षित पिंजरे में कैद कर लिया।

बाघ था या गुलदार? दूर हुआ भ्रम

तड़म गांव में जब वन्यजीव के हमले शुरू हुए, तो लोगों के बीच इस बात को लेकर संशय था कि हमलावर बाघ है या गुलदार। लेकिन अब विशेषज्ञों ने साफ कर दिया है कि यह एक वयस्क नर बाघ ही था। पिछले एक महीने में तड़म क्षेत्र में हुई दो हिंसक घटनाओं के पीछे इसी बाघ का हाथ था। पकड़े जाने के बाद इसे देर रात रामनगर स्थित कार्बेट टाइगर रिजर्व (सीटीआर) के रेस्क्यू सेंटर भेज दिया गया है। डीएफओ दीपक सिंह का कहना है कि बाघ के पकड़े जाने से अब मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाओं पर लगाम लगेगी।

महिपाल सिंह की मौत के बाद बढ़ा था गुस्सा

बाघ के आतंक की शुरुआत 3 मई की शाम को हुई थी, जब तड़म गांव के बौरड़ा तोक में रहने वाले 55 वर्षीय महिपाल सिंह मेहरा पर बाघ ने हमला कर दिया था। महिपाल अपनी पत्नी के साथ घास लेकर घर लौट रहे थे, तभी घर के पास ही खेत में बाघ ने उन पर पीछे से वार किया। इस घटना के बाद ग्रामीणों में भारी रोष था। वन विभाग ने तुरंत कार्रवाई करते हुए ड्रोन और ट्रैप कैमरों की मदद ली ताकि हिंसक जानवर की पहचान की जा सके।

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30 कर्मियों की टीम और 4 दिन का सर्च ऑपरेशन

बाघ को पकड़ना इतना आसान नहीं था। वन क्षेत्राधिकारी गंगाशरण के नेतृत्व में 30 वन कर्मियों की तीन अलग-अलग टीमें दिन-रात गश्त कर रही थीं। सीटीआर के विशेषज्ञों ने बाघ के व्यवहार और उसके चलने के रास्तों का बारीकी से अध्ययन किया। जब पुष्टि हो गई कि बाघ आबादी की ओर बढ़ रहा है, तो विशेषज्ञ शूटर दल ने बीती देर रात उसे घेर लिया और ट्रैंकुलाइज गन की मदद से उसे बेहोश कर दिया।

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स्कूलों में लौटेगी रौनक

बाघ के डर से इलाके के तीन सरकारी स्कूल पिछले पांच दिनों से बंद थे। अब बाघ के पकड़े जाने के बाद इन स्कूलों को फिर से खोलने की तैयारी है। हालांकि, सुरक्षा के मद्देनजर वन विभाग अभी भी गश्त जारी रखेगा। वन क्षेत्राधिकारी ने बताया कि बच्चों की सुरक्षा के लिए वन कर्मी उन्हें स्कूल ले जाने और वापस घर छोड़ने की निगरानी करते रहेंगे। साथ ही, मोहान सफारी जोन में जिप्सियों के प्रवेश पर लगी रोक भी जल्द ही हटाई जा सकती है।

Location :  Almora

Published :  12 May 2026, 3:31 PM IST

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