Auraiya News: महाकालेश्वर मंदिर की भूमि घोटाले मामले में आया नया मोड़, पढ़ें पूरी खबर

औरैया की बेशकीमती भूमि के फर्जीवाड़े मामले में तीन लेखपालों को निलंबित कर दिया है। पढ़िए डाइनामाइट न्यूज़ की पूरी खबर

Updated : 1 May 2025, 9:40 AM IST
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औरैया: महाकालेश्वर मंदिर (देवकली धाम) की बेशकीमती भूमि के फर्जीवाड़े में अब तक की बड़ी कार्रवाई की गई है। प्रशासन ने इस मामले में तीन लेखपालों को निलंबित कर दिया है।

डाइनामाइट न्यूज़ संवाददाता के अनुसार, इसके अलावा 10 अन्य के खिलाफ सदर कोतवाली में रिपोर्ट भी दर्ज कराई गई है। इस कार्रवाई के बाद लेखपालों के बीच नाराजगी की स्थिति उत्पन्न हो गई है, और लेखपाल संघ ने एसडीएम को ज्ञापन भेजकर प्रशासन की कार्रवाई का विरोध किया है। वहीं, निलंबित लेखपालों ने इस मामले को कोर्ट तक ले जाने की धमकी दी है।

जानें पूरा मामला

मामला जिले के कस्बा खानपुर स्थित महाकालेश्वर मंदिर की भूमि से जुड़ा हुआ है, जहां पर फर्जीवाड़े का आरोप है। 11 जनवरी 2013 को सीतू तिवारी ने जालौन रोड पर गाटा संख्या 1283 और 1040 की भूमि पर दो प्लॉट खरीदे थे, जबकि 17 जनवरी 2013 को उनके परिवार की सदस्य प्रभा देवी ने भी एक प्लॉट खरीदा था। सीतू तिवारी ने 1 जनवरी 2025 को तहसील दिवस में शिकायत दर्ज कराई। उनकी शिकायत में तत्कालीन लेखपालों अवनीश कुमार, सुमन शुक्ला, जितेंद्र, शशांक दुबे और अंकित तिवारी पर आरोप लगाया कि इन लेखपालों ने उनकी भूमि की गलत पैमाइश की थी और इसके परिणामस्वरूप उनके प्लॉट में नींव खोदी गई थी।

प्रशासन की कार्रवाई

4 जनवरी को दोबारा शिकायत मिलने के बाद नायब तहसीलदार औरैया की उपस्थिति में मिशन समाधान के तहत दोबारा पैमाइश की गई। जांच में पाया गया कि नींव पहले से ही खुदी हुई थी और गाटा संख्या की सीमा मेल नहीं खा रही थी। जब पक्षों में सहमति नहीं बनी तो मामला सिविल कोर्ट में पहुंच गया। इस दौरान यह भी खुलासा हुआ कि तत्कालीन लेखपालों ने तथ्यों को छिपाकर भ्रामक रिपोर्ट तैयार की थी और यह रिपोर्ट नायब तहसीलदार औरैया की बजाय नायब तहसीलदार फफूंद से जन सुनवाई पोर्टल पर अपलोड कर दी गई थी।

संबंधित लेखपालों की भूमिका

अधिक छानबीन में यह भी सामने आया कि अरुण शुक्ला ने अपनी भूमि का इकरार नामा सुमन देवी (शशांक दुबे की मां) और मयंक तिवारी (अंकित तिवारी का साला) के नाम कर दिया था। इससे यह स्पष्ट हुआ कि महाकालेश्वर मंदिर की भूमि को लेखपालों ने अपने परिवार के लोगों के नाम दर्ज करा लिया था। इन घटनाओं के बाद बीतें सोमवार रात को पुलिस ने सीतू तिवारी, प्रभा देवी, सुमन शुक्ला, जितेंद्र कुमार, लेखपाल शशांक दुबे, अंकित तिवारी, अवनीश कुमार, अरुण कुमार शुक्ला, सुमन देवी और मयंक तिवारी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया।

निलंबन और लेखपाल संघ का विरोध

निलंबित लेखपालों में शशांक दुबे, अंकित तिवारी और अवनीश कुमार ने प्रशासन की कार्रवाई के खिलाफ कोर्ट की शरण ली है। लेखपाल संघ ने एसडीएम को ज्ञापन भेजकर प्रशासन की इस कार्रवाई का विरोध किया है और इसे उनकी प्रतिष्ठा पर आघात मानते हुए इसे वापस लेने की मांग की है।

Location :  Auraiya

Published :  1 May 2025, 9:40 AM IST

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