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अमेठी जिले में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के समर्थन में यूथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सड़क पर उतरकर जोरदार प्रदर्शन किया। जिला अध्यक्ष शुभम सिंह की अगुवाई में शुक्रवार को कार्यकर्ताओं ने हाथों में तख्ती और बैनर लेकर जुलूस निकाला और स्थानीय प्रशासन के माध्यम से राज्यपाल को ज्ञापन सौंपा।
यूथ कांग्रेस का विरोध प्रदर्शन
Amethi: अमेठी जिले में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के समर्थन में यूथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सड़क पर उतरकर जोरदार प्रदर्शन किया। जिला अध्यक्ष शुभम सिंह की अगुवाई में शुक्रवार को कार्यकर्ताओं ने हाथों में तख्ती और बैनर लेकर जुलूस निकाला और स्थानीय प्रशासन के माध्यम से राज्यपाल को ज्ञापन सौंपा।
यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ता भारी संख्या में सड़क पर उतरकर अपने नेता अविमुक्तेश्वरानंद के समर्थन में नारेबाजी कर रहे थे। प्रदर्शन में कार्यकर्ताओं ने कट‑आउट और बैनर लेकर भाग लिया। हाथों में साधु संतों की तस्वीरें लिए हुए कार्यकर्ताओं ने नारे लगाए: “साधु संतों का अपमान नहीं चलेगा”। जिला अध्यक्ष शुभम सिंह ने कहा कि यह जुलूस अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के समर्थन में निकाला गया। उन्होंने बताया कि यह प्रदर्शन माघ मेला के दौरान हुआ, जो हिंदुओं का ऐतिहासिक और धार्मिक पर्व है।
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शुभम सिंह ने आरोप लगाया कि योगी सरकार की पुलिस और स्थानीय प्रशासन ने शंकराचार्य के साथ अन्याय किया। उन्होंने कहा कि साधु संतों की चोटी पकड़कर खींचा गया और उनका अपमान किया गया।
यूथ कांग्रेस के नेता ने स्पष्ट किया कि यह सिर्फ अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के प्रति समर्थन नहीं है, बल्कि साधु संतों और हिंदू धर्म का सम्मान सुनिश्चित करने के लिए किया गया। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार की मानसिकता हिंदू विरोधी है और ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।
अमेठी में यूथ कांग्रेस ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के समर्थन में सड़क पर प्रदर्शन किया। जिला अध्यक्ष शुभम सिंह के नेतृत्व में जुलूस निकाला गया और उपजिलाधिकारी के माध्यम से राज्यपाल को ज्ञापन सौंपा।
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प्रदर्शन के दौरान उपजिलाधिकारी अमेठी को ज्ञापन सौंपा गया। इसमें मांग की गई कि जिन अधिकारियों ने साधु संतों के साथ अनुचित व्यवहार किया, उनके खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई हो। यूथ कांग्रेस का कहना था कि साधु संतों का अपमान किसी भी सूरत में स्वीकार्य नहीं है और सभी हिंदुओं को उनके धार्मिक अधिकारों और मर्यादा का सम्मान करना चाहिए।
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अमेठी में यूथ कांग्रेस का यह प्रदर्शन धार्मिक और सामाजिक चेतना का उदाहरण है। उन्होंने न केवल अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के समर्थन में आवाज उठाई, बल्कि स्थानीय प्रशासन और योगी सरकार पर हिंदू विरोधी रवैये का आरोप भी लगाया। ज्ञापन सौंपने और सार्वजनिक रूप से नारेबाजी करने के माध्यम से यूथ कांग्रेस ने अपने संदेश को सशक्त तरीके से केंद्र और राज्य सरकार तक पहुँचाने की कोशिश की।