हिंदी
प्रतीकात्मक छवि (Source: Pinterest)
Greater Noida: यमुना एक्सप्रेसवे पर स्लीपर बस में आग लगने से 9 यात्रियों की मौत के बाद बस के रिकॉर्ड को लेकर गंभीर सवाल सामने आए हैं। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, हादसे का शिकार हुई बस पर यातायात नियमों के उल्लंघन के लिए 1.75 लाख रुपये के 19 चालान लंबित थे। इसके बावजूद बस का संचालन जारी रहा। अब सवाल उठ रहे हैं कि बार-बार नियमों के उल्लंघन के बावजूद बस सड़क पर कैसे चलती रही और निगरानी करने वाले विभागों ने क्या कार्रवाई की थी।
24 सितंबर 2026 को सामने आई रिपोर्ट के अनुसार, बस के खिलाफ अलग-अलग नियमों के उल्लंघन के कुल 19 चालान दर्ज थे। इनकी रकम करीब 1.75 लाख रुपये बताई गई है। रिपोर्ट में बस के परमिट, रेट्रोफिटिंग और अन्य नियमों से जुड़ी कमियों का भी उल्लेख किया गया है। इन जानकारियों के सामने आने के बाद वाहन की फिटनेस जांच और नियमों के पालन की निगरानी पर सवाल उठ रहे हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक, बस के इंजन से आवाज आने की शिकायतें थीं। इसके अलावा वाहन की स्थिति और नियमों के पालन से जुड़ी कुछ अन्य अनियमितताओं का भी उल्लेख किया गया है। ऐसे में यह जांच का विषय है कि बस की तकनीकी स्थिति की समय रहते जांच हुई थी या नहीं और शिकायतों पर क्या कदम उठाए गए थे।
मीडिया रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि जनवरी 2026 में 20 साल से कम उम्र के चालक से बस चलवाने के मामले में चालान किया गया था। जून 2025 में ईंधन परिवर्तन और रेट्रोफिटिंग से जुड़े नियमों के उल्लंघन पर भी कार्रवाई दर्ज होने की जानकारी सामने आई है। इन तथ्यों के आधार पर बस के संचालन और निगरानी से जुड़े पहलुओं की जांच महत्वपूर्ण हो जाती है।
पट्टी में युवक ने खाया जहरीला पदार्थ, प्रयागराज पहुंचने से पहले मौत; आखिर क्या हुआ था उस रात?
यह हादसा 23 सितंबर की रात करीब 11 बजे यमुना एक्सप्रेसवे पर जेवर क्षेत्र में दयानतपुर गांव के पास हुआ। दिल्ली से महोबा जा रही बिहार नंबर की एसी स्लीपर बस में आग लग गई। बस में करीब 30 से 35 यात्री सवार थे। आग तेजी से फैलने के कारण कई यात्री बाहर निकलने के लिए खिड़कियों से कूदे, जबकि 9 लोगों की जान चली गई। पुलिस के अनुसार, आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है।
हादसे के बाद बस के रिकॉर्ड, तकनीकी स्थिति और पहले दर्ज चालानों को लेकर जवाबदेही के सवाल उठ रहे हैं। पुलिस ने मामला दर्ज कर चालक और परिचालक को हिरासत में लिया है। जांच में यह स्पष्ट होना बाकी है कि आग किन परिस्थितियों में लगी और क्या किसी सुरक्षा नियम की अनदेखी ने हादसे को गंभीर बनाने में भूमिका निभाई।
Location : Greater Noida
Published : 24 September 2026, 12:38 PM IST