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मेरठ के विक्टोरिया पार्क के सामने देर रात नशे की हालत में एक युवती सड़क पर पड़ी मिली। स्थानीय लोगों की मदद से उसे थाने पहुंचाया गया। युवती ने शराब पिलाकर कार में बैठाने की बात कही, लेकिन किसी भी पुलिस कार्रवाई से इनकार कर दिया।
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Ghaziabad: देर रात एक चौंकाने वाला मामला सामने आया, जब विक्टोरिया पार्क के सामने सड़क पर एक युवती नशे की हालत में पड़ी मिली। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, कुछ कार सवार लोग उसे वहां उतारकर चले गए। रात करीब डेढ़ बजे सड़क किनारे पड़ी युवती “माई हेल्प… माई हेल्प” चिल्ला रही थी।
स्थानीय लोगों ने दिखाई इंसानियत
शर्मानगर निवासी लवली कुमार एक कार्यक्रम से लौट रहे थे, तभी उनकी नजर सड़क पर पड़ी युवती पर पड़ी। उन्होंने तुरंत कार रोकी और युवती को उठाकर अपनी गाड़ी में बैठाया। युवती बेहद बदहवास हालत में थी और अपना नाम-पता तक ठीक से नहीं बता पा रही थी। उसने सिर्फ इतना कहा कि उसके साथ मारपीट हुई है। लवली कुमार ने अपनी पत्नी और पड़ोसियों को मौके पर बुलाया। थोड़ी ही देर में कई लोग वहां इकट्ठा हो गए और युवती को तुरंत सिविल लाइंस थाने ले जाया गया।
थाने में जुटाई गई जानकारी
सिविल लाइंस थाने में दारोगा मोहित सक्सेना ने युवती से पूछताछ की, लेकिन वह पूरी तरह होश में नहीं थी। करीब तीन बजे उसे कुछ होश आया तो उसने बताया कि वह गाजियाबाद के राजनगर की रहने वाली है। उसके मामा पांड़व नगर में रहते हैं। पुलिस ने तुरंत मामा से संपर्क किया और उन्हें थाने बुलाया।
सुबह होने पर युवती ने अपना नाम ओसन बताया और कहा कि वह नोएडा की एक इवेंट कंपनी में मैनेजर है। उसने बताया कि वह रैपिड ट्रेन से मेरठ दक्षिण स्टेशन आई थी और वहां से ऑटो में बैठी थी। आरोप है कि कुछ युवकों ने उसे शराब पिलाई और कार में बैठा लिया। इसके बाद उसे याद नहीं कि वह विक्टोरिया पार्क कैसे पहुंची।
पुलिस कार्रवाई से इनकार
हालांकि युवती ने गलत काम होने से इनकार किया और किसी भी तरह की पुलिस कार्रवाई से मना कर दिया। सीओ अभिषेक तिवारी के अनुसार, युवती ने लिखित कार्रवाई नहीं करवाई और अपने मामा के साथ गाजियाबाद लौट गई। फिलहाल पुलिस मामले को संदिग्ध मानते हुए घटनास्थल के आसपास की जानकारी जुटा रही है, लेकिन शिकायत न होने के कारण आगे की कार्रवाई सीमित रह गई है।