अपराधियों के लिए काल बनी वाराणसी की अदालतें, हर महीने सुनाया उम्रकैद का फैसला, आंकड़े देख सहम गए शातिर

वाराणसी के स्थानीय अदालतों ने पिछले दो सालों में त्वरित न्याय की मिसाल पेश करते हुए हत्या, दुष्कर्म और पॉक्सो जैसे जघन्य मामलों में 25 अपराधियों को दोषी करार दिया है। इस अवधि में मासूम से दरिंदगी के दोषी को मृत्युदंड और भाजपा नेता हत्याकांड समेत कई मामलों में अपराधियों को उम्रकैद की सख्त सजा सुनाई गई है।

Post Published By: Priyam Kashyap
Updated : 12 June 2026, 1:46 PM IST
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Varanasi: वाराणसी की अदालतों ने पिछले दो सालों में गंभीर अपराधों से जुड़े मामलों की तेजी से सुनवाई कर दोषियों को सख्त दंड दिया है। साल 2024 से अब तक हत्या, दुष्कर्म, पॉक्सो और हत्या के प्रयास जैसे संगीन मामलों में 25 अभियुक्तों को दोषी ठहराया जा चुका है। न्यायालय के इन फैसलों को अपराध नियंत्रण और पीड़ितों को शीघ्र न्याय दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

आंकड़ों के अनुसार, इस अवधि में लगभग हर महीने किसी न किसी मामले में दोषियों को आजीवन कारावास जैसी कड़ी सजा सुनाई गई। कई मामलों में अदालत ने अपराध की गंभीरता को देखते हुए कठोर टिप्पणियां भी कीं और ऐसे अपराधों को समाज के लिए गंभीर खतरा बताया।

समाज को झकझोर देने वाले मामलों में सख्त फैसले

इन मामलों में कुछ घटनाएं ऐसी रहीं जिन्होंने पूरे समाज को विचलित कर दिया। रामनगर क्षेत्र में एक मासूम बच्ची के साथ दुष्कर्म के बाद उसकी हत्या कर शव को बोरे में बंद कर फेंक देने के मामले में अदालत ने रिकॉर्ड समय में सुनवाई पूरी की। करीब 11 महीने के भीतर फैसला सुनाते हुए दोषी को मृत्युदंड दिया गया।

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इसी तरह कैंट क्षेत्र में एक नाबालिग बच्ची के साथ दुष्कर्म के बाद हत्या कर शव छिपाने के मामले में आरोपी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई। अदालत ने इसे अत्यंत क्रूर अपराध मानते हुए कठोर रुख अपनाया।

चर्चित हत्याकांडों में भी मिला न्याय

शहर के चर्चित आपराधिक मामलों में भी अदालत ने तेजी दिखाई। भाजपा नेता पशुपतिनाथ सिंह की सार्वजनिक रूप से की गई हत्या के मामले में सुनवाई के बाद 16 आरोपियों को दोषी करार दिया गया। वहीं, पत्नी की हत्या कर शव को घर के आंगन में दफनाने वाले एक आरोपी पति को भी अदालत ने दंडित किया। जांच में सामने आया था कि आरोपी ने सबूत मिटाने के लिए शव को नमक के साथ जमीन में दबा दिया था।

महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराधों पर विशेष फोकस

अदालतों ने विशेष रूप से महिलाओं और बच्चों के खिलाफ होने वाले अपराधों को लेकर चिंता जताई है। दुष्कर्म और पॉक्सो कानून से जुड़े मामलों में न्यायालय ने स्पष्ट संदेश दिया कि ऐसे अपराधों के प्रति किसी प्रकार की नरमी नहीं बरती जाएगी। हाल के फैसलों से यह संकेत मिला है कि जघन्य अपराधों के मामलों में न्यायपालिका त्वरित न्याय और कठोर दंड के जरिए अपराधियों के खिलाफ सख्त रुख बनाए हुए है।

Location :  varanasi

Published :  12 June 2026, 1:46 PM IST

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