सालों का इंतजार खत्म और तदर्थ शिक्षकों के अच्छे दिन शुरू, अब जेब में आएगी अटकी हुई सैलरी!

उत्तर प्रदेश के एडेड माध्यमिक स्कूलों में वर्षों से बिना वेतन के पढ़ा रहे 811 तदर्थ शिक्षकों के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है।

Post Published By: Priyam Kashyap
Updated : 9 September 2026, 11:36 AM IST
google-preferred

Lucknow: उत्तर प्रदेश के सरकारी सहायता प्राप्त माध्यमिक स्कूलों में काम कर रहे एड-हॉक शिक्षकों के लिए अच्छी खबर है। 811 एड-हॉक शिक्षकों जो सालों से अपनी सैलरी का इंतज़ार कर रहे थे के लिए अब सैलरी मिलने का रास्ता साफ होता दिख रहा है। सरकार इन शिक्षकों की समस्याओं को हल करने के लिए एक नई नीति बनाने की तैयारी कर रही है।

1,111 एड-हॉक शिक्षकों में से 300 को अभी सैलरी मिल रही

राज्य भर में लगभग 1,111 एड-हॉक शिक्षक काम कर रहे हैं। इनमें से केवल 300 को अभी सैलरी मिल रही है, जबकि बाकी 811 बिना सैलरी के काम कर रहे हैं। सरकार ने अब इन बाकी शिक्षकों की समस्याओं का समाधान खोजने के लिए निर्देश जारी किए हैं।

यह भी पढ़ें - Lucknow Crime: ये कैसी कहानी! घर में पत्नी की लाश, गोद में बच्चा और बाहर घूमता रहा पति

विधान परिषद की बैठक में उठाया गया मुद्दा

मंगलवार को विधान परिषद में बेसिक, माध्यमिक और उच्च शिक्षा से जुड़े मुद्दों पर एक बैठक हुई। बैठक की अध्यक्षता सदन के नेता और उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने की। बैठक के दौरान, विधान परिषद सदस्य देवेंद्र प्रताप सिंह और उमेश द्विवेदी ने एड-हॉक शिक्षकों को सैलरी न मिलने का मुद्दा उठाया। जल्द ही एक नीति बनाने और बाकी शिक्षकों को सैलरी देने की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश जारी किए गए।

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद पैदा हुई स्थिति

एमएलसी देवेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि नवंबर 2023 में सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद एड-हॉक सिस्टम को खत्म करने की कार्रवाई की गई थी। इसके बाद, कई एड-हॉक शिक्षकों की सर्विस और सैलरी की स्थिति स्पष्ट नहीं थी। उन्होंने कहा कि हालांकि 2021 तक शिक्षकों को रेगुलर करने के निर्देश थे, फिर भी बड़ी संख्या में शिक्षक बिना सैलरी के काम कर रहे हैं।

यह भी पढ़ें - Lucknow: 100 करोड़ की संपत्ति… और फिर भी फरार! अलीगंज अग्निकांड के आरोपी पर पुलिस का बड़ा दांव

पुरानी पेंशन योजना सहित कई मुद्दों पर चर्चा हुई

  • बैठक के दौरान शिक्षकों के लिए पुरानी पेंशन योजना से जुड़े मामलों पर भी चर्चा हुई। इसमें ये बातें शामिल हैं
  • 2024 में नियुक्त 'स्पेशल BTC' शिक्षकों को पुरानी पेंशन योजना का लाभ देने का मुद्दा
  • शिक्षा मित्र (पैरा-टीचर) की भूमिका से रेगुलर शिक्षक के पद पर आए कर्मचारियों की पिछली सर्विस को भी जोड़ने की मांग
  • साल 2000 के बाद रेगुलर हुए शिक्षकों को पुरानी पेंशन योजना का लाभ देने का मामला
  • वोकेशनल शिक्षकों और प्राइवेट स्कूलों के शिक्षकों के लिए सर्विस नियम बनाने पर चर्चा

बैठक में लेजिस्लेटिव काउंसिल में विपक्ष के नेता लाल बिहारी यादव भी मौजूद थे।

Location :  Lucknow

Published :  9 September 2026, 11:36 AM IST

Advertisement