Deoria News: मंत्री की फटकार के बाद जागा प्रशासन, पूर्व और वर्तमान प्रिंसिपल के बीच फंसा सरकारी आवास

देवरिया के महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज में प्रधानाचार्य आवास का विवाद गहरा गया है। कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही के कड़े रुख के बाद कॉलेज प्रशासन ने सरकारी बंगले के मुख्य द्वार पर अतिरिक्त ताला जड़ दिया। यह आवास पूर्व प्रधानाचार्य डॉ. राजेश बरनवाल के कब्जे में है, जबकि वर्तमान प्रधानाचार्य दूसरे मकान में रह रही हैं।

Post Published By: Priyam Kashyap
Updated : 20 June 2026, 3:50 PM IST
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Deoria News: देवरिया के महर्षि देवरहा बाबा स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय में प्रधानाचार्य आवास को लेकर विवाद लगातार चर्चा का विषय बना हुआ है। इसी बीच उत्तर प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही से इस मामले में मीडिया द्वारा सवाल किए जाने के बाद प्रशासन की सक्रियता देखने को मिली।

प्रधानाचार्य आवास पर लगाया गया अतिरिक्त ताला

डाइनामाइट न्यूज संवाददाता के अनुसार, मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने प्रधानाचार्य आवास के मुख्य द्वार पर एक अतिरिक्त ताला लगा दिया है। बताया जा रहा है कि पूर्व प्रधानाचार्य डॉ. राजेश बरनवाल द्वारा सरकारी आवास में कुछ सामान रखा गया है, जबकि वर्तमान प्रधानाचार्य डॉ. रजनी पटेल फिलहाल डॉक्टरों के लिए निर्धारित एक अन्य आवास में रह रही हैं।

आवास को लेकर उठ रहे कई सवाल

मेडिकल कॉलेज प्रशासन का कहना है कि आवास के मुख्य द्वार पर अतिरिक्त ताला सुरक्षा की दृष्टि से लगाया गया है। हालांकि स्थानीय लोगों और कर्मचारियों के बीच यह सवाल चर्चा का विषय बना हुआ है कि यदि किसी अधिकारी का स्थानांतरण या संबद्धीकरण हो चुका है तो सरकारी आवास का उपयोग और नियंत्रण किसके पास होना चाहिए।

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अशोक गांडे प्रकरण के बाद हटाए गए थे तत्कालीन प्रधानाचार्य

गौरतलब है कि 6 अक्टूबर 2025 को मेडिकल कॉलेज परिसर स्थित पानी की टंकी से महाराष्ट्र निवासी केमिकल इंजीनियर अशोक गांडे का शव बरामद होने के बाद तत्कालीन प्रधानाचार्य डॉ. राजेश बरनवाल पर लापरवाही के आरोप लगे थे। इसके बाद शासन ने उन्हें पद से हटाते हुए महानिदेशक चिकित्सा शिक्षा एवं प्रशिक्षण कार्यालय, लखनऊ से संबद्ध कर दिया था।

सरकारी संपत्ति के रखरखाव पर भी उठे प्रश्न

बताया जाता है कि तब से संबंधित आवास लंबे समय से बंद पड़ा है। स्थानीय सूत्रों के अनुसार देखरेख के अभाव में परिसर की मोटर, पौधे और अन्य व्यवस्थाएं प्रभावित हुई हैं, जिससे सरकारी संपत्ति के रखरखाव को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।

अब सबकी नजर अंतिम फैसले पर

अब यह देखना दिलचस्प होगा कि स्वास्थ्य विभाग, जिला प्रशासन और मेडिकल कॉलेज प्रबंधन इस मामले का समाधान कब तक निकालते हैं तथा प्रधानाचार्य आवास के उपयोग और आवंटन को लेकर क्या अंतिम निर्णय लिया जाता है।

 

Location :  Deoria

Published :  20 June 2026, 3:48 PM IST

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