यूपी में समोसे-कचौड़ी के खराब तेल से दौड़ेंगी गाड़ियां! रेस्तरां से खरीदा जा रहा इस्तेमाल किया हुआ तेल, आखिर कैसे?

समोसे और कचौड़ी तलने के बाद बचा तेल अब कचरे में नहीं जाएगा। यूपी में एक अनोखी पहल के तहत रेस्तरां और होटलों से इस्तेमाल किया गया खाद्य तेल खरीदा जा रहा है। दावा है कि यही तेल आगे चलकर वाहनों के लिए ईंधन बनेगा। आखिर कैसे हो रहा है?

Post Published By: Nidhi Kushwaha
Updated : 16 June 2026, 2:22 PM IST
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Agra: जिस तेल में रोजाना समोसे, कचौड़ी और अन्य तले हुए खाद्य पदार्थ तैयार किए जाते हैं, वही तेल अब वाहनों के ईंधन के रूप में इस्तेमाल होने जा रहा है। उत्तर प्रदेश के आगरा में एक ग्रीन-टेक कंपनी ने ऐसी पहल शुरू की है, जिसके तहत रेस्तरां, होटल और खाद्य उत्पाद बनाने वाली इकाइयों से उपयोग किए गए खाद्य तेल (Used Cooking Oil) को खरीदकर उससे बायोडीजल तैयार किया जा रहा है।

खराब तेल को फेंकने के बजाय बन रहा ईंधन

आगरा में आयोजित फूड एक्सपो के दौरान ईकॉयल कंपनी ने उपयोग किए गए खाद्य तेल को खरीदने का प्रस्ताव रखा। कंपनी के अनुसार, शहर के कई बड़े होटल, रेस्तरां, मिठाई प्रतिष्ठान और नमकीन निर्माता अपने यहां इस्तेमाल हो चुके तेल को कंपनी को उपलब्ध करा रहे हैं। यह वही तेल होता है जिसे दोबारा उपयोग करने पर स्वास्थ्य संबंधी गंभीर खतरे पैदा हो सकते हैं।

कंपनी की वरिष्ठ प्रबंधक सुनैना गुसाईं ने बताया कि कई प्रतिष्ठानों के किचन में विशेष ड्रम लगाए गए हैं, जिनमें इस्तेमाल किया गया तेल जमा किया जाता है। ड्रम भरने के बाद इस तेल को जयपुर स्थित रिफाइनरी भेजा जाता है, जहां इसकी प्रोसेसिंग कर बायोडीजल तैयार किया जाता है।

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बार-बार गर्म तेल से बढ़ता है बीमारी का खतरा

विशेषज्ञ बताते हैं कि खाद्य तेल को बार-बार गर्म करने से उसमें ट्रांस-फैट की मात्रा बढ़ जाती है। यह तत्व कैंसर, हृदय रोग, मोटापा, उच्च कोलेस्ट्रॉल और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकता है। ऐसे में उपयोग किए गए तेल को दोबारा खाने में इस्तेमाल करने के बजाय उसका सुरक्षित निस्तारण और पुनर्चक्रण एक बेहतर विकल्प माना जा रहा है। ईकॉयल कंपनी का कहना है कि इस पहल से न केवल लोगों के स्वास्थ्य की रक्षा होगी, बल्कि पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा।

आगरा में हर महीने कई टन तेल संग्रह की संभावना

कंपनी की समन्वयक स्वाति मेहंदीरत्ता के अनुसार वर्तमान में आगरा से हर महीने तीन से चार टन उपयोग किया गया खाद्य तेल एकत्र किया जा रहा है। हालांकि शहर में लगभग 20 टन तेल संग्रह की संभावनाएं मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि अभी भी कई छोटे रेस्तरां और हलवाई पुराने तेल को बार-बार उपयोग कर रहे हैं, जिससे स्वास्थ्य संबंधी जोखिम बढ़ रहे हैं।

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फूड एक्सपो में दिखी आधुनिक तकनीक

फूड एक्सपो में खाद्य प्रसंस्करण उद्योग से जुड़ी अत्याधुनिक मशीनों का भी प्रदर्शन किया गया। इन मशीनों के माध्यम से खाद्य उत्पादों की ऑटोमेटिक पैकिंग की जा रही है, जिससे स्वच्छता और गुणवत्ता बनाए रखने में मदद मिलती है। कई मशीनें पूरी तरह हैंडलेस तकनीक पर आधारित हैं, जिससे मानव संपर्क कम होता है और हाइजीन बेहतर बनी रहती है। जिलाधिकारी मनीष बंसल ने भी एक्सपो का दौरा कर विभिन्न स्टॉलों का निरीक्षण किया और आधुनिक तकनीकों की जानकारी ली।

फूड एक्सपो के समापन अवसर पर रिस्पॉन्सिबल इंडिया अवॉर्ड्स का आयोजन भी किया जाएगा। इस कार्यक्रम में समाज, खाद्य सुरक्षा, सार्वजनिक स्वास्थ्य और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले व्यक्तियों और संस्थाओं को सम्मानित किया जाएगा।

Location :  Agra

Published :  16 June 2026, 2:22 PM IST

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