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सावन में बढ़ी श्रद्धालुओं की आस्था (Img- Pinterest)
Ayodhya: श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में सावन माह के दौरान श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या के साथ सोने और चांदी के चढ़ावे में भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई है। ट्रस्ट से जुड़े सूत्रों के अनुसार, पिछले 10 दिनों में करीब 1 किलोग्राम सोना और लगभग 3 किलोग्राम चांदी दान स्वरूप प्राप्त हुई है। श्रद्धालु आभूषण, सिक्के और अन्य बहुमूल्य वस्तुएं बड़ी संख्या में रामलला को अर्पित कर रहे हैं।
श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में एक बार फिर सोने और चांदी के चढ़ावे में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। ट्रस्ट से जुड़े सूत्रों के अनुसार, पिछले 10 दिनों में श्रद्धालुओं ने करीब एक किलोग्राम सोना और लगभग तीन किलोग्राम चांदी दान स्वरूप अर्पित की है। सावन माह में श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या के साथ बहुमूल्य धातुओं का दान भी लगातार बढ़ रहा है।
मंदिर प्रशासन के अनुसार, सोना और चांदी के रूप में प्राप्त सभी दान को निर्धारित सुरक्षा व्यवस्था के तहत संग्रहित किया जा रहा है। प्रत्येक दान का अभिलेखीकरण कर उसे सुरक्षित स्ट्रॉन्ग रूम में रखा जाता है। हर दान का ऑनलाइन रिकॉर्ड तैयार किया जा रहा है, जिसमें दान की तिथि, दानदाता का नाम और पता दर्ज किया जाता है। इसके बाद ट्रस्ट की तय प्रक्रिया के अनुसार शुद्धता की जांच और अन्य औपचारिकताएं पूरी की जाती हैं।
सूत्रों के मुताबिक, हाल के दिनों में श्रद्धालुओं ने सोने-चांदी के आभूषण, सिक्के और अन्य बहुमूल्य वस्तुएं बड़ी संख्या में अर्पित की हैं। मंदिर परिसर में सात दान काउंटर और 33 दान पात्र स्थापित हैं। दान काउंटर पर चढ़ावा देने वाले श्रद्धालुओं को तत्काल रसीद भी दी जा रही है। हाल ही में एक श्रद्धालु ने एक ग्राम सोना और पांच ग्राम चांदी दान की, जबकि कर्नाटक से आए एक श्रद्धालु ने 600 ग्राम चांदी का हार रामलला को भेंट किया। कई अन्य श्रद्धालुओं ने भी सोने-चांदी के आभूषण और सिक्के अर्पित किए हैं।
बताया जा रहा है कि चढ़ावा चोरी की घटना के बाद कुछ समय तक आभूषणों के दान में कमी आई थी, लेकिन अब सावन माह में श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने के साथ दान में फिर तेजी देखने को मिल रही है। बीते तीन दिनों में क्रमशः 75 हजार, सवा लाख और 80 हजार श्रद्धालुओं ने रामलला के दर्शन किए, जिससे नकद दान के साथ-साथ सोने-चांदी का चढ़ावा भी बढ़ा है।
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने झूलनोत्सव और सावन उत्सव की तैयारियां भी तेज कर दी हैं। आगामी 17 अगस्त को सावन शुक्ल पंचमी के अवसर पर रामलला स्वर्ण झूले पर विराजेंगे। धर्म समिति झूला दर्शन, भजन, कजरी, सावन गीत और अन्य धार्मिक आयोजनों की विस्तृत रूपरेखा तैयार कर रही है। जल्द ही ट्रस्ट की बैठक में कार्यक्रम को अंतिम मंजूरी दिए जाने की संभावना है।
Location : Ayodhya
Published : 1 August 2026, 12:35 PM IST