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भदैंया ब्लॉक में स्थित बालमपुर गांव फोटो सोर्स-Google
New Delhi: यूपी एक ऐसा राज्य है जहां आपको एक से बढ़कर एक गांव देखने को मिल जाएंगे। आज भी यहां कई गांव अपनी परंपराओं , संस्कृति और सादगी के लिए जाने जाते हैं। समय के साथ अब आधे से ज्यादा गांव ऐसे हो चुके हैं जो आधुनिकता में शहरो को भी टक्कर दे रहे हैं। यूपी की सबसे बड़ी खासियत इसकी विविधता है यहां अलग-अलग संस्कृतियों का अनोखा संगम देखने को मिलता है और सभी धर्मों के लोग आपसी भाईचारे के साथ रहते हैं।
आज भी कई गांव ऐसे हैं जहां शाम के समय बच्चे बाहर खेलते नजर आते हैं। महिलाएं कुएं या हैंडपंप से पानी भरती दिखाई देती है। और कुछ जगहों पर पारंपरिक घूंघट की झलक भी देखने को मिल जाती है। वहीं पुरुषों का समूह चौपालों पर बैठक बातचीत करता नजर आता है। यही गांव की असली रौनक है, जो शहरो में अब कम ही देखने को मिलती है।
दरअसल, यूपी के कुछ ऐसे भी गांव हैं जिनके नाम सुनकर लोग हैरान रह जाते हैं। आज हम आपको बताने जा रहे एक ऐसे गांव के बारे में जो अपने अनोखे नाम की वजह से चर्चा में रहता है। यह गांव यूपी के सुल्तानपुर जिले के भदैंया ब्लॉक में स्थित बालमपुर गांव है। यह गांव सिर्फ अपने नाम की वजह से ही नहीं बल्कि अपनी खास पहचान और इतिहास के कारण भी जाना जाता है।
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इस गांव की कहानी भी दिलचस्प है। कहा जाता है कि बहुत समय पहले यहां तीन भाई रहते थे- पूरन , बालम और महेश। बाद में जब वे अलग-अलग जगह जाकर बस गए, तो ऐसे में जहां पूरन बसे वहां का नाम पूरनपुर, जहां महेश बसे वहां का नाम महेशुआ और जहां बालम बसे वहां का नाम बालमपुर पड़ गया।
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रोचक बात यह भी बताई जाती है कि गांवों में अक्सर महिलाओं द्वारा पतियों को बालम कहकर पुकारा जाता है, इसलिए इस नाम को लेकर शुरुआत में कुछ लोगों को अजीब लगता था। हालांकि समय के साथ अब यह नाम लोगों की पहचान बन चुका है और गांव के लोग इस पर गर्व भी महसूस करते हैं।
Location : New Delhi
Published : 24 May 2026, 7:24 PM IST
Topics : sultanpur UP Travel tourism UP News village