महराजगंज के गांवों में आएगी विकास की नई लहर, डीएम के आदेश से बदलेगी तस्वीर

सीमावर्ती गांवों को आधुनिक सुविधाओं से लैस कर विकास की नई पहचान देने के लिए महराजगंज प्रशासन ने कमर कस ली है। जिलाधिकारी गौरव सिंह सोगरवाल ने शुक्रवार देर शाम कैंप कार्यालय में वाइब्रेंट विलेज योजना के तहत चयनित ग्राम पंचायतों के कंसल्टिंग इंजीनियरों के साथ बैठक की।

Maharajganj : सीमावर्ती गांवों को आधुनिक सुविधाओं से लैस कर विकास की नई पहचान देने के लिए महराजगंज प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। जिलाधिकारी गौरव सिंह सोगरवाल ने शुक्रवार देर शाम कैंप कार्यालय में वाइब्रेंट विलेज योजना के तहत चयनित ग्राम पंचायतों के कंसल्टिंग इंजीनियरों के साथ बैठक की। इस दौरान उन्होंने निर्देश दिए कि प्रत्येक गांव की वास्तविक जरूरतों को ध्यान में रखते हुए गुणवत्तापूर्ण और व्यापक डीपीआर (विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन) तैयार किया जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि विकास कार्यों में किसी भी जरूरी सुविधा की अनदेखी नहीं होनी चाहिए।

सीमावर्ती गांवों को मजबूत बनाने पर जोर

डीएम ने कहा कि भारत सरकार की महत्वाकांक्षी वाइब्रेंट विलेज योजना का उद्देश्य सीमावर्ती गांवों में आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करना, सामुदायिक अवसंरचना विकसित करना और ग्रामीणों के जीवन स्तर में सुधार लाना है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी प्रस्ताव गंभीरता और गुणवत्ता के साथ तैयार किए जाएं।

जरूरी सुविधाओं को डीपीआर में किया जाए शामिल

बैठक में जिलाधिकारी ने कहा कि जिन ग्राम पंचायतों में स्वास्थ्य केंद्र, सामुदायिक भवन, उत्सव भवन, अन्नपूर्णा भवन, पुस्तकालय, आंगनबाड़ी केंद्र, स्वयं सहायता समूहों के लिए वर्किंग शेड, खेल मैदान या अन्य जरूरी सुविधाओं की कमी है, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर डीपीआर में शामिल किया जाए।

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उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि जहां पुरानी परिसंपत्तियां जर्जर स्थिति में हैं, वहां उनके जीर्णोद्धार और कायाकल्प का प्रस्ताव भी तैयार किया जाए।

बेहतर संपर्क मार्ग और आकर्षक प्रवेश द्वार बनाने के निर्देश

डीएम ने ग्रामीण अभियंत्रण विभाग (आरईडी) के साथ समन्वय कर सभी सार्वजनिक परिसंपत्तियों तक बेहतर संपर्क मार्ग विकसित करने को कहा। साथ ही सीमावर्ती गांवों की अलग पहचान स्थापित करने के लिए आकर्षक प्रवेश और निकास द्वार बनाने पर भी जोर दिया।

सुरक्षा के लिए लगेंगे सीसीटीवी और पीए सिस्टम

सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए जिलाधिकारी ने सभी सार्वजनिक भवनों और गांवों के प्रवेश व निकास द्वारों पर सीसीटीवी कैमरे लगाने का प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए। इसके अलावा पब्लिक एड्रेस (पीए) सिस्टम लगाने पर भी जोर दिया गया, जिससे आपातकालीन परिस्थितियों में सूचनाओं का तेजी से प्रसारण किया जा सके।

समयबद्ध तरीके से पोर्टल पर अपलोड होंगे प्रस्ताव

डीएम ने निर्देश दिया कि सभी परियोजनाओं के लिए भूमि की उपलब्धता और उपयुक्तता पहले सुनिश्चित कर ली जाए। जिससे कार्य शुरू होने में कोई बाधा न आए। उन्होंने जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी को सभी प्रस्ताव समयबद्ध तरीके से वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम पोर्टल पर अपलोड कराने के निर्देश दिए।

चुमुर गांव की तर्ज पर विकसित होंगे सीमावर्ती क्षेत्र

जिलाधिकारी ने कहा कि महराजगंज के सीमावर्ती गांवों को लद्दाख के चुमुर गांव की तर्ज पर विकसित करने के लिए सभी संबंधित विभाग मिलकर कार्ययोजना तैयार करें। उन्होंने कहा कि सरकार की मंशा के अनुरूप सीमावर्ती क्षेत्रों का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित किया जाना है।

बैठक में जिला पंचायत राज अधिकारी श्रेया मिश्रा, जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी निरंकार, जिला सूचना अधिकारी प्रभाकर मणि त्रिपाठी और संबंधित ग्राम पंचायतों के कंसल्टिंग इंजीनियर मौजूद रहे।

Location :  Maharajganj

Published :  11 July 2026, 7:23 PM IST

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