UP Police Recruitment: योगी सरकार की नीति में फंसे हजारों युवा, मंत्री और विधायकों ने उठाया मुद्दा; जानें पूरा मामला

UP Police Recruitment में सामान्य वर्ग के अभ्यर्थियों को आयु सीमा में तीन साल की छूट देने की मांग तेज हो गई है। NDA विधायक और मंत्री भी सीएम योगी को पत्र लिख चुके हैं, जबकि विपक्ष ने सरकार पर सवाल खड़े किए हैं।

Post Published By: Mayank Tawer
Updated : 2 January 2026, 1:38 PM IST
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Lucknow: सड़क पर खड़ा एक सवाल, आंखों में गुस्सा और दिल में टूटते सपने…उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती का विज्ञापन जारी होते ही हजारों युवाओं के अरमानों पर जैसे सरकारी मुहर से ताला लग गया हो। 32,679 पदों की इस भर्ती ने उम्मीदें तो जगाई, लेकिन उम्र की सख्त शर्त ने सामान्य वर्ग के अभ्यर्थियों को कटघरे में खड़ा कर दिया। अब यह मामला सिर्फ भर्ती का नहीं, बल्कि वादे, भरोसे और सिस्टम पर उठते सवालों का बनता जा रहा है।

सामान्य वर्ग के अभ्यर्थियों का फूटा गुस्सा

उत्तर प्रदेश पुलिस में 32,679 पदों पर भर्ती के लिए विज्ञापन जारी होने के बाद सामान्य वर्ग के अभ्यर्थियों ने सरकार से आयु सीमा में तीन साल की छूट देने की मांग तेज कर दी है। अभ्यर्थियों का कहना है कि पिछली भर्तियों में देरी और प्रक्रियागत खामियों की वजह से वे ओवरएज हो गए, जबकि गलती उनकी नहीं बल्कि सिस्टम की है। सोशल मीडिया से लेकर सड़कों तक युवाओं की नाराजगी साफ देखी जा रही है।

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NDA विधायकों और मंत्रियों ने सीएम योगी को लिखा पत्र

अभ्यर्थियों की इस मांग को अब सत्ताधारी खेमे से भी समर्थन मिलने लगा है। प्रदेश सरकार के राज्यमंत्री डॉ. अरुण कुमार, निषाद पार्टी के विधायक अनिल कुमार त्रिपाठी और भाजपा के हैदरगढ़ विधायक दिनेश रावत ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर सामान्य वर्ग को तीन साल की आयु छूट देने की मांग की है। विधायकों का कहना है कि यह सिर्फ रोजगार का नहीं, बल्कि न्याय का सवाल है।

जनता दरबार के वादे पर उठे सवाल

निषाद पार्टी के विधायक अनिल कुमार त्रिपाठी ने अपने पत्र में खास तौर पर 18 नवंबर 2025 का जिक्र किया है। उन्होंने लिखा कि गोरखपुर के जनता दरबार में मुख्यमंत्री ने खुद तीन साल की छूट देने का आश्वासन दिया था, लेकिन भर्ती विज्ञप्ति जारी होने के बाद इस वादे को नजरअंदाज कर दिया गया। इसी बात ने युवाओं के बीच अविश्वास को और गहरा कर दिया है।

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अखिलेश यादव ने भी दिया समर्थन

मामले ने सियासी रंग भी पकड़ लिया है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने एक्स पर बयान जारी कर अभ्यर्थियों के पक्ष में आवाज उठाई। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार की खामियों की वजह से जो युवा ओवरएज हुए हैं, उन्हें उम्र की छूट देकर नव वर्ष का तोहफा दिया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि बेरोजगार युवा सरकार की लचर भर्ती प्रक्रिया की कीमत क्यों चुकाएं।

अब सरकार के फैसले पर टिकी निगाहें

फिलहाल हजारों अभ्यर्थियों की नजर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के फैसले पर टिकी है। सवाल यही है कि क्या सरकार अपने वादे पर खरी उतरेगी या यह भर्ती भी युवाओं के लिए एक और अधूरी उम्मीद बनकर रह जाएगी।

Location : 
  • Lucknow

Published : 
  • 2 January 2026, 1:38 PM IST

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