डीडीयू जंक्शन पर ट्रेन में अचानक हुई कार्रवाई, RPF की चौकस निगरानी ने बचाए आठ नाबालिग

चंदौली के डीडीयू जंक्शन पर आरपीएफ ने अजमेर-सियालदह एक्सप्रेस में आठ नाबालिग बच्चों को बचाया। बिहार और पश्चिम बंगाल के बच्चे चाइल्ड लाइन के हवाले कर परिवार से मिलाए गए। सुरक्षा और सतर्कता की मिसाल पेश।

Updated : 9 January 2026, 7:01 PM IST
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Chandauli: डीडीयू जंक्शन पर एक महत्वपूर्ण रेस्क्यू अभियान के तहत आठ नाबालिग बच्चों को सुरक्षित बचाया गया। यह अभियान आरपीएफ इंस्पेक्टर प्रदीप कुमार रावत के नेतृत्व में आयोजित किया गया। रेस्क्यू अभियान के दौरान बच्चों को ट्रेन के सामान्य कोच में पाया गया। यह घटना डीडीयू जंक्शन के प्लेटफार्म संख्या 8 पर हुई, जहां ट्रेन संख्या 12987 अजमेर-सियालदह एक्सप्रेस की चेकिंग के दौरान आरपीएफ टीम को सफलता मिली।

ट्रेन में अकेले यात्रा कर रहे थे बच्चे

आरपीएफ अधिकारी प्रदीप रावत ने बताया कि बच्चों की उम्र 13 से 16 वर्ष के बीच थी। ये सभी बच्चे अपने घरों से बिना किसी को जानकारी दिए जा रहे थे और विभिन्न राज्यों से आते थे। उनमें से छह बच्चे बिहार राज्य के जिला कैमूर, थाना चैनपुर के निवासी थे, जबकि दो बच्चे पश्चिम बंगाल के थे। बच्चों की पहचान होते ही उन्हें तुरंत चाइल्ड लाइन के हवाले किया गया और उनके परिजनों को सूचना दी गई।

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आरपीएफ के अधिकारियों ने बताया कि ट्रेन के सामान्य कोच में आठ बच्चों के अकेले यात्रा करने की जानकारी मिलने पर टीम ने तत्काल रेस्क्यू अभियान शुरू किया। चेकिंग के दौरान बच्चों ने बताया कि वे अलग-अलग कारणों से अपने घर से चले गए थे। आरपीएफ ने बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए उन्हें चाइल्ड लाइन को सुपुर्द किया।

प्रदीप रावत ने इस मौके पर कहा, "आरपीएफ हमेशा बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है। आज हम आठ नाबालिक बच्चों को सुरक्षित बचाने में सफल हुए। हमें यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी बच्चा बिना माता-पिता की जानकारी के अकेले यात्रा ना करे। बच्चों को उनके परिवारों के पास पहुंचाने के बाद ही हमारा अभियान सफल माना जाएगा।"

Chandauli RPF Child Rescue

RPF इंस्पेक्टर प्रदीप रावत (फोटो सोर्स- डाइनामाइट न्यूज़)

आरपीएफ की इस पहल को स्थानीय लोगों ने सराहा है। चंदौली के नागरिकों ने कहा कि इस तरह के रेस्क्यू अभियान बच्चों की सुरक्षा और भविष्य के लिए बेहद जरूरी हैं। बच्चों की असुरक्षा और उनके बिना अनुमति के यात्रा करने की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं, जिससे यह कदम और भी महत्वपूर्ण बन गया है।

चेकिंग में सामने आया चौंकाने वाला दृश्य

चाइल्ड लाइन के अधिकारियों ने बताया कि बच्चों को सुरक्षित स्थान पर रखने के बाद उनकी परिवार से संपर्क किया गया और उन्हें परिवार के पास लौटा दिया गया। बच्चों ने भी बताया कि वे अलग-अलग कारणों से अपने घर से निकले थे, लेकिन ट्रेन में यात्रा के दौरान उन्हें खतरनाक स्थिति का एहसास हुआ।

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आरपीएफ और चाइल्ड लाइन की संयुक्त कार्रवाई से यह संदेश गया कि बच्चों की सुरक्षा में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसके अलावा, बच्चों और परिवारों को इस तरह की घटनाओं से बचने के लिए जागरूक करने के लिए समय-समय पर अभियान चलाए जाते रहेंगे। आरपीएफ इंस्पेक्टर प्रदीप रावत ने कहा, "आज हमने आठ नाबालिग बच्चों को सुरक्षित बचाया। आरपीएफ हमेशा बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है।"

Location : 
  • Chandauli

Published : 
  • 9 January 2026, 7:01 PM IST

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