सुलतानपुर में 16 साल पुराना हत्याकांड फिर सुर्खियों में, कमला यादव ने आजाद समाज पार्टी का थामा दामन

सुलतानपुर में 16 साल पुराने चर्चित लेखपाल रामकुमार यादव हत्याकांड का मामला 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले फिर से गर्मा गया है। मृतक की पत्नी एवं पूर्व जिला पंचायत सदस्य कमला यादव ने लखनऊ में आजाद समाज पार्टी की सदस्यता ग्रहण कर ली है, जिससे जिले के राजनीतिक समीकरणों और संभावित उम्मीदवारों की चर्चा तेज हो गई है।

Post Published By: Priyam Kashyap
Updated : 11 October 2026, 2:48 PM IST
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Sultanpur: उत्तर प्रदेश में 2027 के चुनावों से पहले सुलतानपुर विधानसभा सीट को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। इसी बीच वर्ष 2010 में हुए लेखपाल (रेवेन्यू ऑफिसर) रामकुमार यादव के चर्चित मर्डर केस ने फिर से सुर्खियां बटोरी हैं। रामकुमार यादव की पत्नी कमला यादव जो जिला पंचायत की पूर्व सदस्य रह चुकी हैं आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) में शामिल हो गई हैं। लखनऊ में पार्टी प्रमुख चंद्रशेखर आजाद की मौजूदगी में पार्टी में औपचारिक रूप से शामिल होने के बाद उनके अगले राजनीतिक कदम को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं।

कमला यादव ने यह नया राजनीतिक सफर ऐसे समय में शुरू किया है जब सुलतानपुर सीट के लिए संभावित समाजवादी पार्टी उम्मीदवारों पर भी चर्चा चल रही है। इन चर्चाओं में पूर्व विधायक चंद्रभद्र सिंह 'सोनू' का नाम सामने आया है। हालांकि, समाजवादी पार्टी ने अभी तक इस सीट के लिए किसी उम्मीदवार की आधिकारिक घोषणा नहीं की है। यह स्पष्ट नहीं है कि कमला यादव चुनाव लड़ेंगी या किसी खास निर्वाचन क्षेत्र के लिए दावा पेश करेंगी।

पंचायत चुनाव के दौरान शुरू हुआ विवाद

कहा जाता है कि रामकुमार यादव मर्डर केस की जड़ें 2010 के त्रि-स्तरीय पंचायत चुनावों में हैं। इसी दौरान रामकुमार यादव का अपहरण और हत्या हुई थी। उनकी पत्नी कमला यादव ने तत्कालीन विधायक चंद्रभद्र सिंह और उनके भाई पूर्व ब्लॉक प्रमुख यशभद्र सिंह पर इसमें शामिल होने का आरोप लगाया था। इन आरोपों के बाद यह मामला स्थानीय राजनीति से ऊपर उठकर राज्य स्तर पर चर्चा का विषय बन गया। उस समय कमला यादव से मिलने के लिए सपा नेता अखिलेश यादव और कांग्रेस नेता राहुल गांधी के दौरे ने काफी ध्यान आकर्षित किया जिससे इस मामले का राजनीतिक महत्व और बढ़ गया।

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कमला यादव के गांव 'मझवारा' और चंद्रभद्र सिंह के गांव 'मयांग' के पास-पास होने के कारण पंचायत चुनावों के दौरान दोनों पक्षों के बीच राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता भी काफी चर्चा का विषय रही थी। कमला यादव के अनुसार, ग्राम प्रधान के पद को लेकर हुए विवाद के कारण तनाव बढ़ गया था। हालांकि, उस समय की घटनाओं और हत्या से जुड़े आरोपों की न्यायिक रिकॉर्ड और सरकारी दस्तावेजों के आधार पर स्वतंत्र रूप से पुष्टि की जानी चाहिए।

पति की हत्या के बाद राजनीति में आईं कमला यादव

रामकुमार यादव की हत्या से पहले कमला यादव की सक्रिय राजनीतिक भागीदारी सीमित थी। उन्होंने इस घटना के बाद ही राजनीतिक गतिविधियों में हिस्सा लेना शुरू किया। ग्राम प्रधान और जिला पंचायत (जिला परिषद) की सदस्य के तौर पर काम करने के अलावा वह जिला पंचायत अध्यक्ष के पद से जुड़ी राजनीति में भी सक्रिय हो गईं। अपने चुनाव प्रचार के दौरान उन्होंने लगातार अपने पति की हत्या का मुद्दा उठाया। इस घटना ने उनकी राजनीतिक पहचान बनाने में अहम भूमिका निभाई।

2024 के लोकसभा चुनावों के दौरान सुलतानपुर राजनीति में कमला यादव और चंद्रभद्र सिंह 'सोनू' की सक्रिय भागीदारी चर्चा का विषय बनी। हालांकि, किसी उम्मीदवार की चुनावी जीत या हार का श्रेय सिर्फ एक मुद्दे को देना गलत होगा; मतदाताओं के फैसले कई कारकों से प्रभावित होते हैं, जिनमें स्थानीय मुद्दे, उम्मीदवार खुद, संगठनात्मक ताकत और अन्य सामाजिक-राजनीतिक स्थितियां शामिल हैं।

2027 से पहले नए राजनीतिक समीकरणों पर नजर

आजाद समाज पार्टी में शामिल होने के कमला यादव के फैसले ने उनकी भविष्य की राजनीतिक रणनीति को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। अभी इस बारे में कोई आधिकारिक जानकारी नहीं है कि वह आगामी विधानसभा चुनाव में उम्मीदवार के तौर पर लड़ेंगी या संगठन के भीतर कोई दूसरी भूमिका निभाएंगी। इस बीच सुलतानपुर विधानसभा सीट के लिए संभावित समाजवादी पार्टी उम्मीदवारों को लेकर अटकलें जारी हैं। हालांकि चंद्रभद्र सिंह 'सोनू' का नाम चर्चा में रहा है, लेकिन पार्टी ने अभी तक टिकट देने की घोषणा नहीं की है। इसलिए दोनों नेताओं की राजनीतिक गतिविधियों को अभी अटकलों और चल रही चर्चाओं के नजरिए से देखा जाना चाहिए।

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सुलतानपुर राजनीति में पुराने मुद्दों की वापसी

राजनीतिक दल जिले के विधानसभा क्षेत्रों सुलतानपुर सदर, इसौली, कादीपुर और लंभुआ में चुनावों के लिए तैयारी कर रहे हैं। 2022 के विधानसभा चुनावों में समाजवादी पार्टी ने इसौली सीट बहुत कम अंतर से जीती थी, जबकि सुलतानपुर सीट के लिए भी कड़ा मुकाबला हुआ था। इसे देखते हुए आने वाले चुनावों से पहले उम्मीदवार चुनने, स्थानीय मुद्दों और राजनीतिक गठबंधनों पर चर्चा होना स्वाभाविक है। हालांकि, कमला यादव के हालिया राजनीतिक कदम का चुनाव नतीजों पर क्या असर पड़ेगा, यह अभी तय नहीं है। फिलहाल रामकुमार यादव हत्याकांड और कमला यादव के नई पार्टी में शामिल होने से जुड़ी राजनीतिक हलचल ने सुलतानपुर की राजनीति को एक बार फिर चर्चा में ला दिया है। आगे क्या होगा यह उनकी राजनीतिक भूमिका और संबंधित पार्टियों के आधिकारिक फैसलों से ही साफ हो पाएगा।

Location :  Sultanpur

Published :  11 October 2026, 2:48 PM IST

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