टीवी का रिमोट बना मौत की वजह! बड़े भाई ने छोटे भाई की चाकू से हत्या की, अब मिली अंतिम सजा

करीब दो साल पुराने छोटे भाई की हत्या के मामले में अदालत ने बड़े भाई को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने आरोपी पर 51 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया। मामला टीवी का रिमोट बदलने को लेकर हुए विवाद के बाद चाकू से हत्या का था।

Post Published By: Mayank Tawer
Updated : 20 August 2026, 4:57 AM IST
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Bulandshahr: टीवी का रिमोट बदलने जैसी मामूली बात ने दो भाइयों के रिश्ते को ऐसी खौफनाक अंजाम तक पहुंचा दिया, जिसकी किसी ने कल्पना भी नहीं की थी। घर में टीवी देखते समय चैनल बदलने को लेकर शुरू हुई कहासुनी देखते ही देखते हिंसक हो गई। आरोप है कि बड़े भाई ने गुस्से में छोटे भाई के सीने और पेट पर चाकू से ताबड़तोड़ वार कर दिए। गंभीर रूप से घायल छोटे भाई की मौत हो गई। अब करीब दो साल पुराने इस मामले में अदालत ने दोषी बड़े भाई को उम्रकैद की सजा सुनाई है।

टीवी देखते समय बदला चैनल, भड़क गया विवाद

मामला 14 अक्टूबर 2024 की रात का है। अभियोजन पक्ष के मुताबिक, गांव नयागांव धमैडा अड्डा निवासी शिवम, उसकी मां अनीता, बड़ा भाई बिट्टू और अभिषेक उर्फ गुल्लन घर पर बैठकर टीवी देख रहे थे। इसी दौरान टीवी का रिमोट अभिषेक के पास था। उसने चैनल बदल दिया। इसी बात को लेकर बिट्टू नाराज हो गया।

देखते ही देखते दोनों भाइयों के बीच कहासुनी शुरू हो गई। विवाद इतना बढ़ गया कि आरोप के मुताबिक बिट्टू ने चाकू उठा लिया और अभिषेक के सीने तथा पेट पर वार कर दिया। हमले में अभिषेक गंभीर रूप से घायल हो गया।

हत्या के बाद दर्ज हुआ मुकदमा

घटना के बाद परिवार में चीख-पुकार मच गई। मामले में शिवम ने 14 अक्टूबर 2024 को थाने पहुंचकर हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने मुकदमा दर्ज करने के बाद आरोपी बिट्टू को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।

पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और साक्ष्य जुटाने के बाद आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया। इसके बाद मामला अपर जिला जज एवं विशेष गैंगस्टर कक्ष संख्या तृतीय की अदालत में पहुंचा।

कोर्ट ने सुनाई उम्रकैद की सजा

मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी प्रवीण कुमार राणा और ध्रुव कुमार वर्मा ने पैरवी की। अदालत में पेश किए गए साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर आरोपी बिट्टू को दोषी पाया गया।

बुधवार को न्यायाधीश तबरेज अहमद ने दोष सिद्ध होने पर बिट्टू को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। इसके साथ ही उस पर 51 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया। अदालत के इस फैसले के बाद छोटे भाई की हत्या के मामले का कानूनी रूप से निपटारा हो गया।

मामूली विवाद ने उजाड़ दिया परिवार

इस मामले में सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि विवाद की शुरुआत टीवी का चैनल बदलने जैसी मामूली बात से हुई थी। कुछ ही देर में यही कहासुनी खूनी संघर्ष में बदल गई और एक भाई की जान चली गई। अदालत के फैसले ने यह भी साफ कर दिया कि गुस्से में उठाया गया एक कदम पूरे परिवार की जिंदगी बदल सकता है।

Location :  Bulandshahr

Published :  20 August 2026, 4:57 AM IST

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