बलिया में घिरे परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह : महिलाओं ने रोका काफिला, पूछा- वादा कब होगा पूरा?

बलिया के ब्यासी गांव में गंगा कटान का जायजा लेने पहुंचे परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह का ग्रामीणों, खासकर महिलाओं ने घेराव कर विरोध किया। प्रदर्शनकारियों ने वर्षों से लंबित स्थायी कटान रोधी परियोजना की मांग उठाते हुए सरकार से सिर्फ आश्वासन नहीं, बल्कि ठोस कार्रवाई की मांग की।

Post Published By: Nitin Parashar
Updated : 27 July 2026, 2:46 PM IST
google-preferred

Ballia : गंगा कटान प्रभावित ब्यासी गांव में उस समय राजनीतिक माहौल गर्म हो गया, जब उत्तर प्रदेश के परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह हालात का जायजा लेने पहुंचे। वर्षों से गंगा कटान की मार झेल रहे ग्रामीणों, खासकर महिलाओं ने मंत्री के काफिले को रोककर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि हर साल नेता और अधिकारी आते हैं, आश्वासन देकर लौट जाते हैं। स्थायी समाधान आज तक नहीं मिला।

'अब वादा नहीं, लिखित गारंटी चाहिए'

प्रदर्शन कर रही महिलाओं ने मंत्री से दो टूक कहा कि गंगा कटान ने उनकी खेती, मकान और आजीविका को बर्बादी के कगार पर पहुंचा दिया है। उनका कहना था कि अस्थायी इंतजामों से समस्या खत्म नहीं होगी। अब उन्हें सिर्फ आश्वासन नहीं, बल्कि स्थायी कटान रोधी परियोजना की लिखित गारंटी चाहिए। ग्रामीणों का कहना है कि हर बरसात में गांवों पर संकट गहराता है, लेकिन सरकार की ओर से अब तक कोई स्थायी योजना धरातल पर नहीं उतर सकी।

कुछ देर तक बना तनाव, सुरक्षा कर्मियों ने संभाला मोर्चा

ग्रामीणों के विरोध के चलते मौके पर कुछ समय तक तनावपूर्ण स्थिति बनी रही। सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मियों और सुरक्षाकर्मियों ने हालात को संभाला और मंत्री के काफिले को सुरक्षित वहां से निकाला। इस दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर मौजूद रहे और गंगा कटान से हो रहे नुकसान को लेकर अपनी नाराजगी जताते रहे।

गौतस्करों की अब खैर नहीं! बलिया में एनकाउंटर के बाद दबोचा गया शातिर आरोपी, तमंचा और चाकू बरामद

हर साल उठता है मुद्दा, समाधान का इंतजार जारी

परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह अपने विधानसभा क्षेत्र के गंगा किनारे बसे ब्यासी गांव में कटान प्रभावित इलाकों का निरीक्षण करने पहुंचे थे। ग्रामीणों ने उन्हें कटान से हो रहे नुकसान की जानकारी दी और जल्द स्थायी कटान रोधी कार्य शुरू कराने की मांग दोहराई। बलिया के गंगा तटवर्ती कई गांव हर वर्ष कटान की चपेट में आते हैं। ऐसे में यह मुद्दा राजनीतिक जवाबदेही का भी विषय बनता जा रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि जब तक स्थायी परियोजना लागू नहीं होती, तब तक हर मानसून उनके लिए विस्थापन और नुकसान का डर लेकर आएगा।

Location :  Ballia

Published :  27 July 2026, 2:46 PM IST

Related News

Advertisement