कोई दूसरी औरत तो कोई प्रॉपर्टी के चक्कर में गवां बैठा जान, अब कोर्ट ने आरोपियों को सुनाई ऐसी सजा, अंत में सिर्फ होगा अंतिम संस्कार

बिथरी चैनपुर और भमोरा थाना क्षेत्र के दो अलग-अलग हत्या मामलों में कोर्ट ने आरोपितों को दोषी मानते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई। दोनों मामलों में दोषियों पर जुर्माना भी लगाया गया और कोर्ट ने हत्या की गंभीर प्रकृति को रेखांकित किया।

Post Published By: Mayank Tawer
Updated : 1 February 2026, 2:05 AM IST
google-preferred

Bareilly: बिथरी चैनपुर और भमोरा थाना क्षेत्र के दो अलग-अलग हत्या मामलों में अदालत ने आरोपितों को दोषी ठहराया और उम्रकैद की सजा सुनाई। साथ ही कोर्ट ने दोनों मामलों में जुर्माने की भी घोषणा की। सत्र न्यायालय ने बिथरी चैनपुर थाना क्षेत्र में लगभग छह साल पहले फाइनेंस कंपनी के कर्मचारी मुनीष की हत्या के मामले में शंकर लाल उर्फ हरिशंकर को दोषी मानते हुए यह कड़ी सजा सुनाई।

बिथरी चैनपुर मामला: दोस्ती के बहाने हत्या

अभियोजन पक्ष के अनुसार बदायूं के बिनावर निवासी युवक ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उनके बड़े भाई मुनीष मान्नापुरम गोल्ड फाइनेंस कंपनी में आडिटर थे। उनके भाई और शंकर लाल की पत्नी के बीच अवैध संबंध थे। इसी को लेकर शंकर लाल ने कई बार मुनीष को जान से मारने की धमकी दी। पांच फरवरी 2020 को शंकर लाल ने मुनीष को दोस्ती के बहाने घर से बुलाया और लापता कर दिया।

सात फरवरी 2020 को पता चला कि शंकर लाल ने अपने भाई आछू लाल के साथ मिलकर मुनीष की हत्या कर दी और लाश को बिथरी चैनपुर थाना क्षेत्र में गांव कचौली के पास हाईवे पर छिपा दिया। पुलिस ने लाश बरामद कर हत्या की रिपोर्ट दर्ज की और विवेचना के बाद ठोस सबूत जुटाए। जिला शासकीय अधिवक्ता रीतराम राजपूत ने अभियोजन पक्ष को मजबूती से पेश किया।

भमोरा मामला: सीने में गोली मारकर हत्या

भमोरा थाना क्षेत्र के गांव ब्रह्मपुर निवासी रमेश सिंह यादव ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि 24 जून 2019 को उनके छोटे भाई जंडैल सिंह खेत की मेढ़ बांध रहे थे। वहां पहले से मौजूद वेदपाल, सूरजपाल और दौलत सिंह ने उनका विरोध किया और गाली-गलौज की। वेदपाल ने जंडैल के सीने में गोली मार दी। अन्य आरोपितों ने फायर किया, लेकिन वह बच गया। विशेष अदालत गैंगस्टर एक्ट के न्यायाधीश तबरेज अहमद ने वेदपाल को दोषी मानते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई। कोर्ट ने जुर्माने की राशि मृतक की पत्नी और बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए देने का निर्देश दिया।

साक्ष्य और बहस

सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों ने कड़ी कानूनी बहस की। अभियोजन पक्ष ने सात गवाहों और वैज्ञानिक साक्ष्यों को पेश कर कठोरतम दंड की मांग की। बचाव पक्ष ने भी अपनी दलीलें पेश कीं। डीजीसी क्राइम रीतराम राजपूत ने कहा कि अपराध की गंभीर प्रकृति और मृतक परिवार की स्थिति को देखते हुए यह फैसला न्याय की जीत है।

Location :  Bareilly

Published :  1 February 2026, 2:05 AM IST

Advertisement