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‘मिट्टी माफिया’ का खेल
महराजगंज: भारत-नेपाल सीमा से सटे सोनौली थाना क्षेत्र में अवैध मिट्टी खनन का खेल बेखौफ जारी है। दिनदहाड़े सिवान में लोडर मशीनों से मिट्टी खोदकर आधा दर्जन से अधिक ट्रैक्टर-ट्रालियों के जरिए ढुलाई की जा रही है, लेकिन जिम्मेदार प्रशासनिक अमला या तो अनजान बना हुआ है या फिर आंखें मूंदे बैठा है।
क्या है पूरी खबर?
संवाददाता के अनुसार, शेषफरेंदा गांव के सिवान में बड़े पैमाने पर मिट्टी खनन होते देखा गया। यहां से ट्रैक्टर-ट्रालियां मिट्टी लादकर रजिया घाट और अरघा गांव के रास्ते अन्य स्थानों तक पहुंचाई जा रही हैं। हैरानी की बात यह है कि यह सब कुछ दिन के उजाले में हो रहा है, बावजूद इसके कोई प्रभावी रोक-टोक नजर नहीं आ रही।
सरकार को राजस्व की भी बड़ी क्षति
स्थानीय लोगों का कहना है कि खनन माफिया जहां एक ओर पर्यावरण को भारी नुकसान पहुंचा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर सरकार को राजस्व की भी बड़ी क्षति हो रही है। लगातार हो रहे इस खनन से क्षेत्र में जमीन के कटाव और पर्यावरण असंतुलन का खतरा भी बढ़ता जा रहा है।
प्रशासन से संपर्क करने की कोशिश
वहीं, जब इस मामले में तहसील प्रशासन से संपर्क करने की कोशिश की गई तो एसडीएम नौतनवा का फोन नहीं उठा। हालांकि नायब तहसीलदार शौरभ श्रीवास्तव ने बताया कि इंटीग्रेटेड चेकपोस्ट निर्माण के लिए शेषफरेंदा में सीमित मात्रा में मिट्टी खनन का परमिट जारी किया गया है और प्रत्येक ट्रैक्टर-ट्राली पर पोस्टर लगाना अनिवार्य है।
ट्रालियों की जांच कर कार्रवाई की
उन्होंने स्पष्ट किया कि बिना पोस्टर के चलने वाली ट्रालियों की जांच कर कार्रवाई की जाएगी।अब बड़ा सवाल यह है कि क्या इंटीग्रेटेड चेकपोस्ट के नाम पर मिले परमिट की आड़ में कहीं बड़े स्तर पर अवैध खनन का खेल तो नहीं चल रहा? और अगर ऐसा है तो जिम्मेदारों पर कार्रवाई कब होगी-यह देखना बाकी है।
Location : Maharajganj
Published : 30 April 2026, 9:37 PM IST
Topics : Border Mafia Maharajganj UP News