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जहां हर व्यक्ति अपनी शादी को यादगार बनाना चाहता है और इसके लिए लोग कई बार कुछ अलग हटकर करने की कोशिश करते है ताकि लोगों का ध्यान खींच सकें। ऐसे ही एक मामला फफूंद नगर के मोहल्ला ऊंचा टीला से सामने आया हैं जहां नगर से आए कहारों ने डोली उठाई तो… पढ़ें पूरी खबर
औरेया में पुरानी परंपरा से दुल्हन की विदाई
Auraiya: उत्तर प्रदेश के औरेया जिले में एक पुरानी परंपरा देखने को मिली। जहां हर व्यक्ति अपनी शादी को यादगार बनाना चाहता है और इसके लिए लोग कई बार कुछ अलग हटकर करने की कोशिश करते है ताकि लोगों का ध्यान खींच सकें। ऐसा ही एक मामला फफूंद नगर के मोहल्ला ऊंचा टीला से सामने आया हैं। जहां नगर से आए कहारों ने डोली उठाई तो दशकों पुराना दौर याद आ गया।
क्या है पूरी खबर?
जानकारी के मुताबिक, नगर में एक युवक ने अपनी शादी में लगभग लुप्त हो चुकी डोली की प्रथा को जीवंत कर दिया। उसकी तमन्ना थी कि जब दूल्हा बनकर ससुराल पहुंचेगा तो अपनी दुल्हन को डोली में बैठाकर ससुराल से निकलेगा। गुरुवार सुबह जब डोली में दुल्हन की विदाई हुई तो लोगों में पुरानी परंपरा को लेकर खूब चर्चा हुई।
हेलीकॉप्टर से दुल्हन की विदाई
पुराने जमाने से चली आ रही डोली और पालकी अब धीरे-धीरे खत्म हो गई। अब लग्जरी कारें तो आम बात बन गई हैं। लोग हेलीकॉप्टर से दुल्हन की विदाई कराने लगे हैं। लगभग 50 साल पहले शादी समारोहों में पालकी अथवा डोलियां ही दुल्हन की सवारी होती थीं।गुरुवार की सुबह जब डोली में सवार होकर एक दुल्हन अपनी ससुराल के लिए विदा हुई तो लोग आश्चर्य से डोली को निहारते देखे गए।
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शादी समारोह नगर के एक बरात घर में सम्पन्न
दरअसल, कन्नौज जनपद के मकरंद नगर निवासी अभय कुमार की बरात फफूंद नगर के मोहल्ला ऊँचा टीला निवासी संजय कुमार की पुत्री मुस्कान के यहां पहुंची थी। शादी समारोह नगर के एक बरात घर में सम्पन्न हुआ। शादी में दूल्हे अभय कुमार और दुल्हन मुस्कान ने जब एक-दूसरे को वर माला डाली और सात फेरे लेने के बाद जब सुबह विदाई धूमधाम से हुई। दुल्हन की ये विदाई लग्जरी कार में नहीं, बल्कि डोली में बिठाकर हुई। इसके लिए बकायदा कहार बुलाए गए थे। कहारों ने जब डोली उठाई तो क्षेत्र में ये चर्चा का विषय बन गया।