सुल्तानपुर: ‘पोषण पाठशाला’ वेबकास्ट में चमकी आयुष्मान भारत योजना, स्तनपान को बताया गया शिशु का पहला टीका

बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग उत्तर प्रदेश द्वारा सुल्तानपुर में आयोजित पोषण पाठशाला वेबकास्ट में मातृ-शिशु स्वास्थ्य, आयुष्मान भारत योजना की कैशलेस सेवाओं और स्तनपान के महत्व पर विस्तार से चर्चा की गई।

Updated : 6 August 2026, 4:05 PM IST
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Sultanpur: बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग, उत्तर प्रदेश के तत्वावधान में गुरुवार को एक विशेष ऑनलाइन वेबकास्ट कार्यक्रम 'पोषण पाठशाला' का आयोजन किया गया। सुल्तानपुर में आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य मातृ-शिशु स्वास्थ्य के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाना था। यह आयोजन मुख्य रूप से आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (PM-JAY) और विश्व स्तनपान सप्ताह के विशेष संदर्भ में संपन्न हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया।

आयुष्मान भारत योजना से मिलेंगी कैशलेस स्वास्थ्य सेवाएं

कार्यक्रम के दौरान अपर मुख्य सचिव लीना जौहरी, निदेशक हर्षिता माथुर, उपनिदेशक डॉ अनुपमा साण्डिल्य और अन्य विषय विशेषज्ञों ने आयुष्मान भारत योजना के विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि यह योजना आम नागरिकों के लिए किस प्रकार वरदान साबित हो रही है। विशेषज्ञों ने योजना के मुख्य उद्देश्यों, उसकी पात्रता के नियमों और गोल्डन कार्ड के जरिए प्राप्त होने वाली कैशलेस स्वास्थ्य सेवाओं की विस्तृत जानकारी दी। साथ ही, पात्र लाभार्थियों को इस योजना का अधिक से अधिक लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया गया।

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स्तनपान को बताया शिशु के विकास का सबसे प्रभावी माध्यम

विश्व स्तनपान सप्ताह के तहत विशेषज्ञों ने स्तनपान के अनगिनत फायदों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने बताया कि नवजात शिशु को जन्म के तुरंत बाद स्तनपान कराना और जीवन के पहले छह महीने तक केवल और केवल माँ का दूध ही पिलाना बेहद आवश्यक है। नियमित स्तनपान से माँ और शिशु दोनों के स्वास्थ्य को दीर्घकालिक लाभ मिलते हैं। विशेषज्ञों ने माताओं को यह समझाया कि स्तनपान शिशु के शारीरिक विकास और उसकी रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करने का सबसे शक्तिशाली माध्यम है।

प्रशासनिक अधिकारियों और विशेषज्ञों ने साझा किए विचार

इस ऑनलाइन वेबकास्ट में राज्य स्तर के कई प्रमुख अधिकारियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। अर्चना वर्मा (IAS), मुख्य कार्यकारी अधिकारी SACHIS, तापसिनी खेन और आनंद कुमार सिंह ने स्वास्थ्य, बेहतर पोषण और सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से जुड़ी बहुमूल्य जानकारियां साझा कीं। कार्यक्रम में डीपीओ, सीडीपीओ, मुख्य सेविकाओं और आंगनबाड़ी कार्यकर्त्रियों के साथ-साथ गर्भवती व धात्री महिलाओं, आईसीडीएस लाभार्थियों तथा 0 से 6 वर्ष तक के बच्चों के अभिभावकों ने भी सक्रिय रूप से सहभागिता की।

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अधिकारियों की अपील: योजनाओं का लाभ उठाएं और स्तनपान को दें प्राथमिकता

कार्यक्रम के समापन पर जिला कार्यक्रम अधिकारी शरद कुमार त्रिपाठी तथा बाल विकास परियोजना अधिकारी फूल कुमार, दयाराम और राजेन्द्र प्रसाद ने अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि 'पोषण पाठशाला' जैसे डिजिटल और सामुदायिक कार्यक्रम समाज में स्वास्थ्य, पोषण और सरकारी योजनाओं के प्रति जागरूकता फैलाने का एक बेहद प्रभावी जरिया हैं। अधिकारियों ने सभी पात्र लाभार्थियों से अपील की कि वे आयुष्मान भारत योजना का पूरा लाभ उठाएं और अपने बच्चों के स्वस्थ एवं उज्ज्वल भविष्य के लिए स्तनपान को अपनी सर्वोच्च प्राथमिकता बनाएं।

Location :  Sultanpur

Published :  6 August 2026, 4:05 PM IST

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