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राहुल गांधी ने ईवीवी में चल रहे फीस विवाद पर सरकार पर साधा निशाना (Img: AI Generated Image)
Prayagraj: इलाहाबाद विश्वविद्यालय में फीस वृद्धि और सीटों में कटौती को लेकर चल रहा छात्र आंदोलन अब और तेज हो गया है। मंगलवार को हुई हिंसक झड़प के बाद बुधवार को विश्वविद्यालय परिसर और आसपास के इलाके में तनाव बढ़ गया है। आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज न होने से नाराज सैकड़ों छात्रों ने कुछ बाहरी लोगों के साथ मिलकर सीनेट परिसर के लाइब्रेरी गेट के बाहर सड़क पर चक्का जाम कर दिया।
इस दौरान, कई घंटे तक चले प्रदर्शन के कारण कटरा इलाके में यातायात पूरी तरह प्रभावित रहा। इस बीच कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी का बयान भी सामने आया, जिसने इस मुद्दे को राजनीतिक चर्चा के केंद्र में ला दिया।
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर जारी बयान में कहा कि इलाहाबाद विश्वविद्यालय के छात्र फीस वृद्धि और सीट कटौती के खिलाफ अपने भविष्य की लड़ाई लड़ रहे हैं, लेकिन प्रशासन उनकी बात सुनने के बजाय उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की कार्रवाई कर रहा है।
इलाहाबाद विश्वविद्यालय के छात्र फीस वृद्धि और सीट कटौती के खिलाफ़ अपने भविष्य की लड़ाई लड़ रहे हैं। लेकिन प्रशासन छात्रों को सुनने के बजाय उन पर FIR कर रहा है।
मोदी सरकार की नीति ही युवाओं की आवाज़ दबाना है। सवाल पूछो तो लाठी, विरोध करो तो मुक़दमे, और आवाज़ उठाओ तो पेलेट गन।…
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) August 6, 2026
उन्होंने कहा कि युवाओं की आवाज़ दबाना केंद्र सरकार की नीति बन चुकी है। उनके मुताबिक, सवाल पूछने पर लाठी, विरोध करने पर मुकदमे और आवाज उठाने पर सख्त कार्रवाई की जा रही है। राहुल गांधी ने यह भी कहा कि उन्होंने छात्रों से मिलने के लिए प्रयागराज आने का फैसला किया था, लेकिन प्रशासन उनके कार्यक्रम को रोकने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने दोहराया कि वह छात्रों के साथ खड़े हैं और उनकी आवाज उठाते रहेंगे।
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विश्वविद्यालय में मंगलवार को छात्र आंदोलन के दौरान हुई हिंसक झड़प के बाद माहौल पहले से ज्यादा संवेदनशील हो गया। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि घटना के जिम्मेदार लोगों के खिलाफ अब तक कार्रवाई नहीं हुई है। इसी नाराजगी में बुधवार को छात्रों ने सड़क जाम कर प्रदर्शन किया। चक्का जाम के कारण कटरा क्षेत्र में लंबा ट्रैफिक जाम लग गया। लोगों को घंटों परेशानी का सामना करना पड़ा। पुलिस और प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर हालात संभालने की कोशिश की।
बढ़ते तनाव को देखते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन ने लाइब्रेरी गेट पर कई ताले लगवा दिए ताकि किसी भी तरह की अव्यवस्था को रोका जा सके। लगातार धरना-प्रदर्शन, आवागमन में बाधा और हाल की हिंसक घटनाओं को लेकर शिक्षक और कर्मचारी भी एकजुट हो गए हैं। उनका कहना है कि शैक्षणिक माहौल बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है और परिसर में शांति बनी रहनी चाहिए।
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छात्रों का कहना है कि इस सत्र में विश्वविद्यालय प्रशासन ने करीब छह हजार सीटें कम कर दी हैं। पहले विश्वविद्यालय और उससे संबद्ध कॉलेजों में लगभग दस हजार छात्रों का प्रवेश होता था, जबकि इस बार यह संख्या घटकर करीब चार हजार रह गई है। छात्रों का आरोप है कि इससे हजारों युवाओं के उच्च शिक्षा के अवसर प्रभावित होंगे। फीस वृद्धि को लेकर भी छात्रों में नाराजगी है। उनका कहना है कि बढ़ती फीस के कारण आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के विद्यार्थियों के लिए पढ़ाई करना और मुश्किल हो जाएगा।
Location : Prayagraj
Published : 6 August 2026, 4:13 PM IST