मिर्जापुर में गंगा में गिर रहे 22 गंदे नाले, नमामि गंगे योजना पर उठे सवाल

मिर्जापुर में गंगा सफाई के सरकारी दावों की हकीकत सवालों के घेरे में है। शहर के करीब 22 बड़े नाले बिना किसी ट्रीटमेंट के सीधे गंगा में गिर रहे हैं। करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद प्रदूषण पर रोक नहीं लग सकी है, जबकि प्रशासनिक कार्यालयों के पास ही यह स्थिति बनी हुई है।

Post Published By: Mayank Tawer
Updated : 6 August 2026, 4:24 PM IST
google-preferred

Mirzapur: मिर्जापुर में गंगा सफाई के सरकारी दावों के बीच एक ऐसी तस्वीर सामने आई है, जिसने प्रशासनिक व्यवस्था और नमामि गंगे परियोजना की जमीनी हकीकत पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। शहर के बीचोंबीच कचहरी और जिलाधिकारी कार्यालय के ठीक बगल से गुजरने वाला गंदा नाला खुलेआम गंगा नदी में गिर रहा है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि यह सब उन अधिकारियों की मौजूदगी में हो रहा है जिनके जिम्मे गंगा को प्रदूषण मुक्त बनाने की जिम्मेदारी है। ऐसे में करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद हालात जस के तस बने हुए हैं।

करोड़ों रुपये खर्च, लेकिन सब बर्बाद

स्थानीय लोगों का कहना है कि मिर्जापुर शहर के करीब 22 बड़े नाले बिना किसी प्रभावी ट्रीटमेंट के सीधे गंगा नदी में गिर रहे हैं। इन नालों के जरिए शहर का सीवर और गंदा पानी लगातार गंगा में पहुंच रहा है, जिससे नदी का प्रदूषण लगातार बढ़ता जा रहा है। केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी नमामि गंगे परियोजना के तहत गंगा की सफाई के लिए बड़े स्तर पर बजट स्वीकृत किया गया और विभिन्न कार्यों पर करोड़ों रुपये खर्च किए गए, लेकिन जमीनी स्तर पर तस्वीर इससे बिल्कुल अलग दिखाई दे रही है।

प्रशासन की कार्यशैली को लेकर नाराजगी

मौके की तस्वीरों में साफ देखा जा सकता है कि नाले का गंदा और बदबूदार पानी लगातार गंगा में मिल रहा है। यह नजारा उस स्थान का है जहां से कुछ ही दूरी पर जिला न्यायालय, जिलाधिकारी कार्यालय और अन्य प्रशासनिक कार्यालय मौजूद हैं। इसके बावजूद खुले नालों को रोकने या उनके पानी के शोधन की दिशा में कोई ठोस कार्रवाई होती नजर नहीं आ रही है। इससे लोगों में प्रशासन की कार्यशैली को लेकर नाराजगी भी देखने को मिल रही है।

गंभीर मुद्दा बनता जा रहा

गंगा करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र है। इसके बावजूद लगातार गंदे नालों का पानी नदी में मिलना न केवल पर्यावरण बल्कि धार्मिक भावनाओं से भी जुड़ा गंभीर मुद्दा बनता जा रहा है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि प्रशासन चाहे तो इस समस्या का समाधान संभव है, लेकिन अब तक प्रभावी कदम नहीं उठाए गए हैं। इस पूरे मामले में नमामि गंगे से जुड़े एडीएम से उनका सीयूजी नंबर 9454416828 पर संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन बताया गया कि नंबर किसी कारणवश डायवर्ट था। ऐसे में इस मामले पर प्रशासनिक पक्ष सामने नहीं आ सका।

Location :  Mirzapur

Published :  6 August 2026, 4:24 PM IST

Advertisement