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शिक्षिका संगीता गुप्ता की पहल बनी मिसाल (IMG: Dynamite News)
Sultanpur: अक्सर यह धारणा रहती है कि अच्छी और आधुनिक शिक्षा सिर्फ बड़े शहरों के महंगे स्कूलों में ही मिल सकती है, लेकिन सुल्तानपुर के एक छोटे से सरकारी स्कूल ने इस सोच को बदलकर रख दिया है। जिला मुख्यालय से करीब 50 किलोमीटर दूर बल्दीराय तहसील के ग्रामीण क्षेत्र में स्थित राजकीय हाईस्कूल कनकपुर शिकवा आज उन बच्चों के सपनों को नई उड़ान दे रहा है, जिनके परिवार आर्थिक रूप से कमजोर हैं। यहां बच्चों को सिर्फ किताबों का ज्ञान ही नहीं, बल्कि जीवन में आगे बढ़ने के लिए जरूरी व्यावहारिक और आधुनिक शिक्षा भी दी जा रही है।
राजकीय हाईस्कूल कनकपुर शिकवा में करीब 130 छात्र-छात्राएं पढ़ाई कर रहे हैं। विद्यालय में नियमित पाठ्यक्रम के साथ बच्चों को ऐसी जानकारियां भी दी जा रही हैं, जो उन्हें रोजमर्रा की जिंदगी में काम आएं। विद्यालय में व्यावसायिक शिक्षा के साथ साइबर अपराध से बचने के तरीके, भारतीय मुद्रा की सही पहचान, समाचार पत्र पढ़ने की आदत और शारीरिक व्यायाम के महत्व के बारे में विस्तार से बताया जाता है। शिक्षकों का मानना है कि आज के समय में सिर्फ परीक्षा पास करना ही काफी नहीं है, बल्कि बच्चों का हर क्षेत्र में जागरूक होना भी जरूरी है।
डिजिटल दौर में साइबर अपराध तेजी से बढ़ रहे हैं। ऐसे में स्कूल के बच्चों को ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचने के तरीके भी सिखाए जा रहे हैं। विद्यार्थियों को बताया जाता है कि किसी अनजान लिंक पर क्लिक न करें, ओटीपी या बैंकिंग जानकारी किसी से साझा न करें और सोशल मीडिया का सुरक्षित उपयोग कैसे करें। इससे बच्चे कम उम्र में ही डिजिटल सुरक्षा के प्रति जागरूक हो रहे हैं।
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विद्यालय में बच्चों को असली और नकली भारतीय नोटों की पहचान भी कराई जाती है। साथ ही उन्हें यह भी समझाया जाता है कि आर्थिक लेन-देन के दौरान किन बातों का ध्यान रखना चाहिए। इसके अलावा विद्यार्थियों को नियमित समाचार पत्र पढ़ने के लिए प्रेरित किया जाता है ताकि वे देश-दुनिया की घटनाओं से जुड़े रहें, सामान्य ज्ञान बढ़े और प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए भी उनकी तैयारी मजबूत हो सके।
स्कूल में व्यावसायिक शिक्षा पर भी विशेष जोर दिया जा रहा है। बच्चों को ऐसे कौशलों से परिचित कराया जा रहा है, जो भविष्य में रोजगार पाने या स्वरोजगार शुरू करने में मददगार साबित हो सकते हैं। शिक्षकों का कहना है कि अगर विद्यार्थियों को शुरुआत से ही कौशल आधारित शिक्षा मिले तो वे आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ सकते हैं।
विद्यालय की इस सकारात्मक पहल का नेतृत्व शिक्षिका संगीता गुप्ता कर रही हैं। उनके मार्गदर्शन में बच्चों के आत्मविश्वास, जागरूकता और व्यावहारिक समझ में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। स्कूल में पढ़ाई को केवल पाठ्यपुस्तकों तक सीमित नहीं रखा गया है, बल्कि बच्चों के व्यक्तित्व विकास पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। यही वजह है कि विद्यार्थी पढ़ाई के साथ-साथ सामाजिक और तकनीकी रूप से भी जागरूक बन रहे हैं।
गांव के अभिभावकों का कहना है कि पहले उन्हें लगता था कि अच्छी शिक्षा सिर्फ निजी स्कूलों में ही मिल सकती है, लेकिन इस सरकारी विद्यालय ने उनकी सोच बदल दी है। अब वे अपने बच्चों को सरकारी स्कूल में पढ़ाने पर गर्व महसूस कर रहे हैं, क्योंकि यहां उन्हें आधुनिक शिक्षा के साथ जीवन उपयोगी जानकारी भी मिल रही है।
Location : Sultanpur
Published : 1 August 2026, 4:27 PM IST