ग्रेटर नोएडा के तुस्याना गांव स्थित प्राथमिक विद्यालय का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में छोटे बच्चे स्कूल यूनिफॉर्म में झाड़ू लगाते और दीवार फांदकर स्कूल में जाते दिखाई दे रहे हैं। घटना के बाद सरकारी स्कूलों की व्यवस्था और बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल उठने लगे हैं।
मैनपुरी में डीएम अंजनी कुमार सिंह ने प्राइवेट और सरकारी स्कूलों के बच्चों की परीक्षा कराकर मेधावी छात्रों को सम्मानित किया। खास बात यह रही कि सरकारी स्कूल के छात्र ने पहला स्थान हासिल किया।
देवरिया के उच्च प्राथमिक विद्यालय महुई में ब्रह्म भोज की आड़ में अश्लील डांस, पूरी रात डीजे, शिक्षा विभाग और प्रशासन की भूमिका पर उठे सवाल।
आगरा के थाना डौकी क्षेत्र के गांव कौलारा कलां स्थित राजकीय हाईस्कूल में चोरों ने गेट का ताला तोड़कर चोरी की कोशिश की। सुबह ग्रामीणों को घटना की जानकारी हुई। सूचना पर पुलिस और शिक्षक मौके पर पहुंचे। प्रधानाचार्य ने अज्ञात चोरों के खिलाफ तहरीर दी है।
सोनभद्र के अनपरा थाना क्षेत्र में स्थित गवर्नमेंट इंटर कॉलेज में छात्रों के बीच मामूली कहासुनी मारपीट में बदल गई। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद अभिभावकों और स्थानीय लोगों में नाराजगी है। मामले की जांच की बात कही जा रही है।
यूपी के रायबरेली में शिक्षा का मखौल उड़ाने का मामला सामने आया है। अभिभावक अपने बच्चों को स्कूल इसलिये भेजते हैं कि ताकि उनके बच्चे पढ़-लिखकर काबिल बन सकें। लेकिन दूसरी तरफ स्कूल में पढ़ाने की जिम्मेदारी निभाने वाले अध्यापक बच्चों को काबिल बनाने के बजाए मजदूर बना रहे हैं।
महराजगंज के लक्ष्मीपुर वनटांगिया क्षेत्र में लाखों की लागत से बना उच्च प्राथमिक विद्यालय उपेक्षा का शिकार है। दो साल से विद्यालय में न शिक्षक आते हैं, न बच्चे। भवन खंडहर बन चुका है और कमरों में गाय-भैंस घूमते हैं। शिक्षा विभाग की लापरवाही पर सवाल उठ रहे हैं।
लक्ष्मीपुर वनटांगिया क्षेत्र तिनकोनिया के उच्च प्राथमिक विद्यालय को बने हुए दो साल बीत चुके है, लेकिन इस विद्यालय में अब तक कोई शिक्षक पढ़ाने नहीं आया। ऐसे में देखरेख के अभाव में स्कूल के कमरों मे जानवर घूमते रहते हैं और पूरा कमरा गंदगी से भर गया है।
बलरामपुर के जिलाधिकारी पवन अग्रवाल ने शुक्रवार को प्राथमिक विद्यालय गोंदीपुर का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने शिक्षण गुणवत्ता, छात्र उपस्थिति और मध्यान्ह भोजन (MDM) की गुणवत्ता पर विशेष जोर देते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए हैं।