नाम चढ़ा और अगले ही दिन करोड़ों की जमीन का बैनामा! कोर्ट पहुंचा मामला, नौ लोगों पर गंभीर आरोप

सुलतानपुर में करोड़ों की जमीन के नामांतरण और उसके अगले ही दिन हुए बैनामे ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। जयसिंहपुर की नायब तहसीलदार समेत नौ लोगों पर गंभीर आरोप लगाते हुए सीजेएम कोर्ट में अर्जी दाखिल की गई है।

Post Published By: Nidhi Kushwaha
Updated : 10 September 2026, 11:38 AM IST
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Sultanpur: करोड़ों रुपये कीमत की जमीन के नामांतरण और उसके तुरंत बाद हुए बैनामे को लेकर सुलतानपुर में मामला कोर्ट तक पहुंच गया है। जयसिंहपुर की नायब तहसीलदार रूबी यादव, उपनिबंधक आदित्य प्रताप जायसवाल समेत नौ लोगों के खिलाफ मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) कोर्ट में अर्जी दाखिल की गई है। शिकायत में नामांतरण से लेकर जमीन की कीमत और स्टाम्प शुल्क तक कई सवाल उठाए गए हैं।

नाम चढ़ने के अगले दिन ही बैनामा

जयसिंहपुर के बिरसिंहपुर निवासी रामप्रकाश सिंह की ओर से दाखिल अर्जी में आरोप लगाया गया है कि उनके मामा कमला प्रसाद सिंह की मौत के बाद उनकी संपत्ति पर दूसरे पक्ष ने दावा किया। शिकायतकर्ता का कहना है कि पर्याप्त दस्तावेजी सबूत मौजूद नहीं होने के बावजूद सिर्फ मौखिक बयानों के आधार पर दूसरे पक्ष का नाम खतौनी में दर्ज कर दिया गया।

मामले में सबसे अहम दावा यह है कि खतौनी में नाम दर्ज होने के अगले ही दिन करोड़ों रुपये कीमत की जमीन का बैनामा करा दिया गया। शिकायतकर्ता के मुताबिक, बैनामे में जमीन की कीमत महज 64 लाख रुपये दर्शाई गई, जबकि जमीन की वास्तविक कीमत इससे काफी अधिक होने का आरोप लगाया गया है।

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जमीन किसके पक्ष में हुई बिक्री?

अर्जी में यह भी आरोप लगाया गया है कि जमीन नायब तहसीलदार के गृह जनपद अंबेडकरनगर निवासी शशांक राघव के पक्ष में बेची गई। शिकायतकर्ता ने इस पूरी प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए जांच की मांग की है। इसके अलावा उपनिबंधक और संबंधित कर्मचारियों पर जमीन की वास्तविक मालियत नहीं लगाने और कम स्टाम्प शुल्क में बैनामा कराने के आरोप भी लगाए गए हैं। हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि होना अभी बाकी है।

परिवार के दावे पर भी उठे सवाल

रामप्रकाश सिंह की ओर से कोर्ट में दी गई अर्जी में कहा गया है कि उनकी मां राधिका सिंह, कमला प्रसाद सिंह की सगी बहन हैं और इस रिश्ते से जुड़े कई अभिलेखीय साक्ष्य उनके पास मौजूद थे। आरोप है कि इन दस्तावेजों को नामांतरण की प्रक्रिया के दौरान नजरअंदाज कर दिया गया। शिकायतकर्ता का कहना है कि अगर जमीन के मालिकाना हक और पारिवारिक संबंधों से जुड़े दस्तावेज मौजूद थे, तो उनके आधार पर मामले की जांच होनी चाहिए थी। इसी को लेकर अब न्यायालय से हस्तक्षेप की मांग की गई है।

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कोर्ट ने मांगी रिपोर्ट

मामले की सुनवाई करते हुए मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट नवनीत सिंह की अदालत ने संबंधित तहसील अधिकारियों से जवाब-तलब किया है। अदालत ने मामले में रिपोर्ट भी मांगी है। अब सबकी नजर 25 सितंबर को होने वाली अगली सुनवाई पर है। 

Location :  Sultanpur

Published :  10 September 2026, 11:38 AM IST

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