‘माफी अदालत से नहीं, पीड़ितों से मांगिए’ अवैध हिरासत मामले में हाईकोर्ट की तल्ख टिप्पणी से हड़कंप

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने देवरिया के गौरी बाजार थाने में चार लोगों को अवैध रूप से हिरासत में रखने के मामले में पुलिस की कार्यप्रणाली पर कड़ा रुख अपनाया है।

Post Published By: Priyam Kashyap
Updated : 10 September 2026, 11:51 AM IST
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Deoria: गौरी बाजार थाने में चार लोगों को कथित रूप से अवैध हिरासत में रखने के मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने देवरिया पुलिस की कार्यप्रणाली पर कड़ी नाराजगी जताई है। सुनवाई के दौरान अदालत ने देवरिया के पुलिस अधीक्षक अभिजीत आर. शंकर से जवाब मांगा और पुलिस की ओर से दी गई सफाई पर गंभीर टिप्पणी की।

अवैध हिरासत के आरोपों पर हाईकोर्ट सख्त

याचिकाकर्ताओं का आरोप था कि उन्हें 13 से 24 अप्रैल 2026 के बीच अलग-अलग अवधि तक गौरी बाजार थाने में हिरासत में रखा गया। मामले में अदालत ने थाने का CCTV फुटेज भी तलब किया था। पुलिस की ओर से फुटेज उपलब्ध न होने के पीछे तकनीकी खराबी का हवाला दिया गया।

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SP की माफी पर कोर्ट ने की सख्त टिप्पणी

सुनवाई के दौरान पुलिस अधीक्षक की ओर से अदालत में माफी मांगी गई। इस पर हाईकोर्ट ने सख्त टिप्पणी करते हुए कहा कि माफी अदालत से नहीं बल्कि उन लोगों से मांगिए जिन्हें कथित तौर पर हिरासत में रखा गया।

चारों याचियों को 65 हजार रुपये मुआवजे का आदेश

अदालत ने चारों याचियों को कुल 65 हजार रुपये मुआवजा देने का आदेश दिया। इनमें तीन याचियों को 20-20 हजार रुपये और एक याची को 5 हजार रुपये दिए जाएंगे। कोर्ट ने मुआवजे की राशि संबंधित थाना प्रभारी के वेतन से वसूलने का भी निर्देश दिया।

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हिरासत नियमों के पालन पर उठे सवाल

हाईकोर्ट की इस सख्ती के बाद गौरी बाजार थाने से जुड़े इस मामले में पुलिस की कार्यप्रणाली और हिरासत से जुड़े नियमों के पालन को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

Location :  Deoria

Published :  10 September 2026, 11:51 AM IST

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