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अमेठी में समाजवादी पार्टी नेता अखिलेश यादव के निर्देश पर घर-घर जाकर SIR फॉर्म भरवा रहे हैं। जयसिंह प्रताप यादव की टीम गांव-गांव जनता से सीधा संवाद कर रही है। जिससे जनता की समस्याएं और स्थानीय मुद्दे सीधे संगठन तक पहुंचाए जा सकें। महिलाओं, युवाओं और बुजुर्गों की सक्रिय भागीदारी दिख रही है।
अमेठी में जयसिंह प्रताप भरवा रहे फॉर्म
Amethi: उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण (SIR) का अंतिम चरण इन दिनों तेजी से चल रहा है। इसी बीच समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इस प्रक्रिया की निगरानी के लिए पार्टी के 44 वरिष्ठ नेताओं को विशेष दायित्व सौंप दिया है। देश के 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में यह पुनरीक्षण अभियान 4 दिसंबर तक चलेगा, जो फॉर्म जमा करने की अंतिम तिथि है।
अखिलेश यादव ने खुद गुरुवार को अपना SIR फॉर्म भरकर बीएलओ को सौंपा और इसके अगले ही दिन पार्टी नेताओं को जिलावार प्रभारी नियुक्त कर दिया। इन प्रभारियों का मुख्य कार्य SIR प्रक्रिया की मॉनिटरिंग करना और समर्थक मतदाताओं के नाम सूची में जुड़वाने को सुनिश्चित करना होगा। पार्टी की ओर से जारी सूची में कई राष्ट्रीय पदाधिकारियों को एक से अधिक जिलों का जिम्मा दिया गया है।
राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के निर्देश पर 186 विधानसभा अमेठी में पार्टी कार्यकर्ता और स्थानीय नेता गांव-गांव जाकर लोगों से सीधे संवाद कर रहे हैं और घर घर पहुंचकर SIR फॉर्म भरवा रहे हैं। इस प्रक्रिया का उद्देश्य मतदाताओं से सीधा जुड़ाव मजबूत करना और उनके मुद्दों को सही तरीके से संगठन तक पहुंचाना है।
अमेठी में वोटरों से फॉर्म भरवाते जयसिंह
अमेठी क्षेत्र में समाजवादी पार्टी नेता जयसिंह प्रताप यादव की अगुवाई में पार्टी कार्यकर्ता लगातार गांवों के दौरे पर हैं। सामने आईं तस्वीरों में दिख रहा है कि कैसे नेता और कार्यकर्ता ग्रामीण चौपालों, घरों और आंगनों में बैठकर लोगों का डेटा दर्ज कर रहे हैं। महिलाएं, बुजुर्ग और युवा यानी हर वर्ग के लोग इस प्रक्रिया में शामिल होते दिख रहे हैं। फॉर्म भरते समय लोग अपनी मूल समस्याएं, सरकारी योजनाओं के लाभ में आने वाली दिक्कतें और स्थानीय मुद्दों को विस्तार से बता रहे हैं, जिनको नेता नोट कर आगे भेज रहे हैं।
ग्रामीणों को दी जा रही SIR संबंधित जानकारी
पार्टी नेताओं का कहना है कि SIR फॉर्म भरवाने का मकसद महज संगठनात्मक मजबूती नहीं है, बल्कि जनता की असल जरूरतों को समझकर उन्हें विधानसभा स्तर से लेकर राज्य स्तर तक उठाना भी है। ग्रामीण इलाकों में मौजूद कार्यकर्ताओं ने बताया कि लोगों में इस अभियान को लेकर काफी उत्साह देखने को मिल रहा है। कई जगहों पर ग्रामीण खुद आगे बढ़कर अपनी जानकारी दे रहे हैं और अपनी समस्याओं के समाधान की उम्मीद भी जता रहे हैं।
अभियान के दौरान नेता गांव के हर तबके से सीधे संपर्क बना रहे हैं। कहीं पेड़ों की छांव में, तो कहीं कच्ची झोपड़ियों के नीचे बैठकर फॉर्म भरे जा रहे हैं। इससे साफ झलकता है कि पार्टी इस बार बूथ स्तर पर मजबूत नेटवर्क बनाने की दिशा में गंभीर है। स्थानीय महिलाओं ने भी बढ़ चढ़कर भागीदारी दिखाई है। गांव की महिलाएं अपने दस्तावेज और जानकारी लेकर SIR फॉर्म भरवाने के लिए पहुंच रही हैं।
SIR फॉर्म भरते ग्रामीण
वहीं समाजवादी पार्टी का आरोप है कि SIR प्रक्रिया के दौरान पिछड़े और दलित वर्ग के मतदाताओं के नाम हटाए जा रहे हैं, जिस वजह से पार्टी पूरी सतर्कता बरत रही है। अखिलेश यादव और डिंपल यादव ने यह भी मांग की है कि SIR अवधि बढ़ाई जानी चाहिए, ताकि किसी भी मतदाता का नाम छूटने या हटने की संभावना न रहे। SIR की अंतिम तिथि 4 दिसंबर है, लेकिन इसके बाद भी आपत्तियों और सुधार का चरण जारी रहेगा। सपा ने विरोध के बजाय सक्रिय निगरानी की रणनीति अपनाई है, ताकि उसका वोटबैंक अप्रभावित रहे और समय रहते सभी खामियों की पहचान कर समाधान निकाला जा सके।