एसआईआर अभियान: मुरादाबाद में 3.87 लाख वोटरों के नाम हटाए, राजनीतिक दलों में चिंता

मुरादाबाद जिले में विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान (एसआईआर) के तहत 3.87 लाख वोटरों के नाम हटाए गए हैं, जो 2022 विधानसभा चुनावों के जीत के अंतर से दोगुना हैं। इसके चलते राजनीतिक दलों में चिंता बढ़ गई है कि 2027 में इसका चुनाव परिणामों पर असर पड़ सकता है।

Post Published By: Asmita Patel
Updated : 3 January 2026, 3:33 PM IST
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Moradabad: उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले में हुए एसआईआर अभियान के दौरान भारी संख्या में मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से हटाए गए। यह आंकड़े 2022 के विधानसभा चुनावों के बाद राजनीतिक माहौल को गरमा रहे हैं। इस अभियान के अंतर्गत कुल 3.87 लाख मतदाताओं के नाम सूची से बाहर कर दिए गए, जो कि जिले की छह विधानसभा सीटों पर कुल जीत के अंतर से दोगुने से भी अधिक हैं।

एसआईआर के तहत लिस्ट की पुनरीक्षण प्रक्रिया

उत्तर प्रदेश में 2022 के विधानसभा चुनावों के बाद मतदाता सूची की विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया चल रही है, जिसके अंतर्गत विभिन्न जिलों से मतदाताओं के नाम बाहर किए जा रहे हैं। इस प्रक्रिया में मुरादाबाद जिले से 3.87 लाख मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए। इनमें से अधिकांश ऐसे वोटर थे जो अनुपस्थित, मृत, शिफ्टेड या डुप्लीकेट पाए गए थे। विशेष रूप से 73,000 नाम ऐसे थे, जो मृतक होने के बावजूद वोटर लिस्ट में थे।

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मुरादाबाद जिले के मतदान संख्या में बड़ा अंतर

मुरादाबाद जिले में कुल 24.59 लाख मतदाता थे, जिनमें से 3.87 लाख मतदाताओं के नाम हटा दिए गए। 2022 में जिले की छह सीटों पर जीत का कुल अंतर 1,71,236 वोट था, जबकि एसआईआर अभियान में कटे वोटरों की संख्या 3,87,628 है, जो कि चुनाव परिणाम के अंतर से दोगुना से भी अधिक है। इस आंकड़े से राजनीतिक दलों के बीच चिंता बढ़ गई है कि अगर इन वोटरों के नाम सूची में वापस नहीं जोड़े गए तो आगामी चुनावों पर इसका असर पड़ सकता है।

नगर विधानसभा क्षेत्र का मामला

उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले की नगर विधानसभा सीट पर 2022 में भाजपा को 728 मतों से जीत मिली थी, जो कि चुनावी इतिहास में सबसे कम जीत का अंतर था। इस सीट पर एसआईआर अभियान में 1.12 लाख मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से बाहर कर दिए गए हैं। यदि इन वोटरों के नाम वापस नहीं जोड़े जाते, तो 2027 के विधानसभा चुनाव में भाजपा को कठिनाई हो सकती है।

कुंदरकी विधानसभा सीट पर बढ़ा जीत का अंतर

मुरादाबाद जिले की कुंदरकी विधानसभा सीट पर 2022 में सपा को 43,162 मतों से जीत मिली थी, लेकिन 2024 में हुए उपचुनाव में भाजपा ने 1,44,791 मतों से रिकॉर्ड जीत हासिल की। यह जीत के अंतर में तीन गुना से अधिक वृद्धि को दर्शाता है, जो चुनावी बदलाव की ओर इशारा करता है। इसका कारण मतदाता सूची में हुए बदलाव और एसआईआर अभियान के तहत हुए संशोधन हो सकते हैं।

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मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन

मतदाता सूची के पुनरीक्षण का अंतिम चरण फरवरी में होगा। दावे और आपत्तियां 31 दिसंबर से 30 जनवरी तक ली गई थीं, जिनका निस्तारण 21 फरवरी तक किया जाएगा। इसके बाद 28 फरवरी को मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन किया जाएगा, जिसमें सभी नए नाम और दावे शामिल होंगे। इस अंतिम सूची के प्रकाशन के बाद स्थिति स्पष्ट हो जाएगी कि कितने वोटर सूची में वापस जोड़े गए हैं और कितने नाम कटे रह गए हैं।

Location : 
  • Moradabad

Published : 
  • 3 January 2026, 3:33 PM IST

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