हिंदी
इलाहाबाद उच्च न्यायालय (Img: Pinterest)
Shravasti: श्रावस्ती में मई 2025 में हुए कथित पुलिस एनकाउंटर को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने गंभीर टिप्पणी की है। अदालत ने कहा कि पुलिस द्वारा दर्ज एफआईआर और घटना के विवरण में कई ऐसे विरोधाभास हैं, जिनकी निष्पक्ष जांच जरूरी है। इसी आधार पर कोर्ट ने मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी।
यह आदेश न्यायमूर्ति सुभाष विद्यार्थी की एकल पीठ ने आरोपी छोटकऊ उर्फ अलाउद्दीन की याचिका पर सुनवाई के दौरान दिया। अदालत ने सीबीआई को तीन महीने के भीतर जांच पूरी कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही श्रावस्ती की सत्र अदालत में आरोपी के खिलाफ चल रही आपराधिक कार्यवाही पर फिलहाल रोक लगा दी गई है। मामले की अगली सुनवाई 23 नवंबर को निर्धारित की गई है।
यह भी पढ़ें: Shravasti News: 10 मदरसों को किया गया बंद,जानें क्या है पूरा मामला
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, 9 मई 2025 को इकौना थाने में सात वर्षीय बच्चे के अपहरण के आरोप में अलाउद्दीन के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। इसके तीन दिन बाद पुलिस ने दावा किया कि आरोपी नेपाल भागने की कोशिश कर रहा था। इसी दौरान कथित मुठभेड़ हुई, जिसमें तत्कालीन थाना प्रभारी अश्विनी कुमार दुबे ने आत्मरक्षा में गोली चलाने की बात कही। पुलिस के अनुसार, चली दो गोलियां आरोपी के दोनों पैरों में लगीं और उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने पुलिस के दावों पर कई सवाल खड़े किए। अदालत ने पूछा कि जब मौके पर 23 पुलिसकर्मी मौजूद थे, तब आरोपी की कथित फायरिंग में कोई पुलिसकर्मी घायल क्यों नहीं हुआ। वहीं, अंधेरे में लगभग 15 मीटर की दूरी से चलाई गई दोनों गोलियां सीधे आरोपी के दोनों पैरों में कैसे लगीं। कोर्ट ने इन परिस्थितियों को असामान्य बताते हुए मामले की गहराई से जांच की आवश्यकता जताई।
अदालत ने सीबीआई को निर्देश दिया है कि वह तत्कालीन एसएचओ की निशानेबाजी क्षमता की भी जांच करे। इसके अलावा 9 एमएम पिस्टल से चली गोली और आरोपी के पैरों पर मिले घावों के बीच अंतर की भी वैज्ञानिक जांच कराई जाएगी।
यह भी पढ़ें: Shravasti News: इस शहर में दिखा जानवरों को खाने वाले पक्षियों का बड़ा झुंड
हाईकोर्ट ने इस तथ्य पर भी ध्यान दिया कि एनकाउंटर के तुरंत बाद इसमें शामिल सभी 23 पुलिसकर्मियों को 'गुड वर्क' के नाम पर पुरस्कृत किया गया था। अदालत ने इसे भी जांच का महत्वपूर्ण पहलू माना है और सीबीआई से सभी तथ्यों की निष्पक्ष जांच करने को कहा है।
Location : Shravasti
Published : 20 August 2026, 1:28 PM IST