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बलरामपुर में वरिष्ठ अधिवक्ता के साथ हुई मारपीट और लूट की घटना ने पुलिस और वकीलों के बीच टकराव को खुलकर सामने ला दिया है। आरोपियों की गिरफ्तारी न होने से नाराज अधिवक्ताओं ने न्यायालय से तहसील तक जोरदार प्रदर्शन किया और साफ चेतावनी दी कि जब तक न्याय नहीं मिलेगा, आंदोलन जारी रहेगा।
तहसील मुख्यालय तक आक्रोश
Balrampur: कानून की रक्षा करने वाले ही जब न्याय के लिए सड़क पर उतर आए हों तो हालात की गंभीरता अपने आप समझी जा सकती है। 15 जनवरी की रात वरिष्ठ अधिवक्ता सूर्य प्रकाश के साथ हुई बर्बर मारपीट और डकैती की घटना ने अधिवक्ता समाज को झकझोर कर रख दिया है। पुलिस की धीमी कार्रवाई से नाराज वकीलों का गुस्सा मंगलवार को खुलकर सड़कों पर दिखा। जहां न्यायालय परिसर से लेकर तहसील मुख्यालय तक आक्रोश की गूंज सुनाई दी।
अधिवक्ताओं का कहना है कि घटना को कई दिन बीत जाने के बावजूद पुलिस अब तक आरोपियों को गिरफ्तार नहीं कर सकी है। यही वजह है कि पुलिस और अधिवक्ता समाज के बीच तल्खी लगातार बढ़ती जा रही है। मंगलवार सुबह जैसे ही न्यायालय की कार्यवाही शुरू होने का समय हुआ। सैकड़ों अधिवक्ता एकजुट होकर सड़क पर उतर आए और कामकाज ठप कर दिया।
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हाथों में बैनर और नारों के साथ अधिवक्ताओं का जत्था न्यायालय परिसर से पैदल मार्च करते हुए तहसील गेट तक पहुंचा। “पुलिस प्रशासन होश में आओ” जैसे नारों से पूरा इलाका गूंज उठा। हालात को देखते हुए प्रशासन ने भारी पुलिस बल तैनात किया था लेकिन अधिवक्ताओं के आक्रोश के सामने पुलिस पूरी तरह बैकफुट पर नजर आई।
प्रदर्शन के दौरान अधिवक्ता अजय बहादुर सिंह ने आरोप लगाया कि पुलिस गंभीर धाराओं में कार्रवाई करने के बजाय धारा 151 जैसी हल्की धाराओं में मामला निपटाने की कोशिश कर रही है। वहीं वरिष्ठ अधिवक्ता रमेश त्रिपाठी ने कहा कि प्रभावशाली लोगों के दबाव में पुलिस अपराधियों के खिलाफ सख्त कदम उठाने से बच रही है। अधिवक्ताओं का कहना है कि यह पूरे विधिक समाज के सम्मान का सवाल है।
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15 जनवरी की रात बड़े पुल चौराहे के पास वरिष्ठ अधिवक्ता सूर्य प्रकाश के साथ कथित तौर पर असामाजिक तत्वों ने मारपीट की और लूटपाट को अंजाम दिया। घटना के बाद बढ़ते दबाव में पुलिस ने सात नामजद और 15 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया लेकिन अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। इसी बात को लेकर अधिवक्ताओं में भारी रोष है।
अधिवक्ता समाज ने कहा है कि यह प्रदर्शन यहीं नहीं रुकेगा। इससे पहले वे बार काउंसिल चुनाव का बहिष्कार और कलेक्ट्रेट का घेराव कर चुके हैं। अब चेतावनी दी गई है कि अगर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को प्रदेशव्यापी रूप दिया जाएगा। तहसील परिसर में घंटों चले प्रदर्शन के बाद भी प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।