जो बैंककर्मी दूसरों को देता है खाता सुरक्षित रखने की जानकारी, वो ही गंवा बैठा 16 लाख रुपये, पढ़ें ग्रेटर नोएडा वेस्ट का बड़ा मामला

ग्रेटर नोएडा वेस्ट में साइबर ठगों ने IGL गैस ऐप डाउनलोड कराने के नाम पर रिटायर्ड बैंककर्मी से 16 लाख रुपये ठग लिए। ठगों ने व्हाट्सऐप पर फर्जी लिंक भेजकर APK फाइल डाउनलोड कराई और मोबाइल का एक्सेस लेकर छह बार में बैंक खाते से रकम ट्रांसफर कर ली।

Post Published By: Mayank Tawer
Updated : 21 August 2026, 2:18 PM IST
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Greater Noida West: ग्रेटर नोएडा वेस्ट में साइबर ठगी का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां साइबर अपराधियों ने एक रिटायर्ड बैंककर्मी को IGL गैस का ऐप डाउनलोड कराने का झांसा देकर लाखों रुपये ठग लिए। ठगों ने पहले व्हाट्सऐप पर गैस कनेक्शन से जुड़ा फर्जी लिंक भेजा और फिर मोबाइल का एक्सेस हासिल कर बैंक खाते से 16 लाख रुपये निकाल लिए। पीड़ित को जब तक ठगी का पता चला, तब तक आरोपी छह बार में पूरी रकम ट्रांसफर कर चुके थे। मामले की शिकायत के बाद साइबर क्राइम थाना पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

व्हाट्सऐप पर आया था IGL गैस के नाम से लिंक

ग्रेटर नोएडा वेस्ट निवासी पिंटू रिटायर्ड बैंककर्मी हैं। उन्होंने पुलिस को बताया कि 17 जुलाई को दोपहर करीब 3 बजे उनके व्हाट्सऐप पर एक अनजान नंबर से मैसेज आया था। मैसेज में IGL गैस से जुड़ा एक लिंक भेजा गया था। पीड़ित को लगा कि यह IGL कंपनी का आधिकारिक ऐप है और गैस से संबंधित किसी काम के लिए इसे डाउनलोड करना जरूरी है। जैसे ही उन्होंने लिंक खोला, उनके मोबाइल में ऐप की जगह एक APK फाइल डाउनलोड हो गई।

फर्जी ऐप के जरिए मांगी गई निजी जानकारी

पुलिस के मुताबिक, साइबर ठगों ने बड़ी चालाकी से पीड़ित से मोबाइल में डाउनलोड हुई APK फाइल के जरिए जानकारी भरवाई। पिंटू ने उसमें अपना नाम, आधार कार्ड, पैन कार्ड, डेबिट कार्ड समेत कई निजी जानकारियां दर्ज कर दी। जैसे ही ठगों को मोबाइल का एक्सेस मिला, उन्होंने बैंक खाते से पैसे निकालने की प्रक्रिया शुरू कर दी। पीड़ित के खाते से छह अलग-अलग ट्रांजेक्शन के जरिए कुल 16 लाख रुपये ट्रांसफर कर लिए गए।

बैंक मैसेज आने पर हुई ठगी की जानकारी

पिंटू को शाम करीब 5 बजे बैंक से लगातार ट्रांजेक्शन के मैसेज मिले। जब उन्होंने अपना खाता चेक किया तो उन्हें लाखों रुपये निकाले जाने की जानकारी हुई। इसके बाद उन्होंने तुरंत बैंक को सूचना दी और साइबर क्राइम थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई।

साइबर पुलिस ने शुरू की जांच

डीसीपी साइबर सुरक्षा शैव्या गोयल ने बताया कि पीड़ित की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस उन बैंक खातों की जानकारी जुटा रही है, जिनमें ठगी की रकम ट्रांसफर हुई है। इसके साथ ही आरोपियों की पहचान के लिए तकनीकी जांच भी की जा रही है।

साइबर पुलिस की लोगों से अपील

साइबर पुलिस ने लोगों को सावधान करते हुए कहा है कि किसी भी अनजान नंबर से आने वाले लिंक पर क्लिक न करें। मोबाइल में किसी भी अज्ञात APK फाइल को डाउनलोड करने से बचें और उसमें बैंक, आधार या अन्य निजी जानकारी बिल्कुल साझा न करें। पुलिस ने बताया कि साइबर ठग आजकल फर्जी ऐप और APK फाइल के जरिए मोबाइल का रिमोट एक्सेस हासिल कर रहे हैं और फिर बैंक खातों से पैसे उड़ा रहे हैं। अगर किसी के साथ साइबर फ्रॉड होता है तो तुरंत 1930 हेल्पलाइन नंबर पर शिकायत करें या राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं।

Location :  Greater Noida West

Published :  21 August 2026, 2:06 PM IST

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