हिंदी
प्रतापगढ़ के समाजसेवी सियाराम उमरवैश्य (फोटो: आईएएनएस)
Pratapgarh: प्रतापगढ़ के समाजसेवी सियाराम उमरवैश्य ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में कहा कि उन्होंने अपनी जमीन बेचकर अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए एक करोड़ रुपये का दान दिया था। उनका कहना है कि उन्होंने यह धन भगवान राम के कार्य के लिए दिया था, इसलिए चढ़ावे में कथित गड़बड़ी की खबरों से उन्हें गहरा दुख पहुंचा है। उन्होंने कहा कि यदि दान की राशि का गलत इस्तेमाल हुआ है तो यह बेहद गंभीर मामला है और इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
सियाराम उमरवैश्य ने कहा कि जिन लोगों पर समाज ने भरोसा किया, यदि वही लोग गलत कार्य में शामिल पाए जाते हैं तो उन्हें कानून के अनुसार सजा मिलनी चाहिए। उनका कहना है कि गलत काम करने वालों का सच एक दिन जरूर सामने आता है और कोई भी व्यक्ति अपने कर्मों से बच नहीं सकता। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाएं दोबारा न हों।
समाजसेवी ने कहा कि इस तरह के विवादों से राम मंदिर और उससे जुड़े लोगों की छवि प्रभावित होती है। उनका कहना है कि इससे समाज में गलत संदेश जाता है और मंदिर से जुड़े करोड़ों श्रद्धालुओं की भावनाएं भी आहत होती हैं। उन्होंने यह भी कहा कि किसी व्यक्ति की गलती के लिए भगवान को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता। यदि किसी ने बेईमानी की है तो उसकी जिम्मेदारी उसी व्यक्ति की होगी।
सियाराम उमरवैश्य ने कहा कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। यदि जांच में किसी की भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए। उनका मानना है कि पारदर्शिता और जवाबदेही से ही श्रद्धालुओं का विश्वास बना रहेगा। (IANS)
Location : Pratapgarh
Published : 26 June 2026, 4:52 PM IST