हिंदी
रायबरेली पुलिस ने एक ऐसा गैंग पकड़ा जो सोने-चांदी के दुकानदारों को बच्चों की बीमारी का बहाना बनाकर ठगा करता था। दोपहर 2 बजे हुई चोरी के बाद पुलिस ने तुरंत कार्रवाई कर चार अभियुक्तों को हिरासत में लिया।
सस्पेंस और चालाकी का पूरा खेल
Raebareli: उत्तर प्रदेश के रायबरेली पुलिस ने टप्पेबाजों का ऐसा गैंग पकड़ा है जो सोने-चांदी के दुकानदारों को निशाना बनाता था। गैंग के सदस्य दुकानों पर आते और बच्चे की बीमारी का बहाना बनाकर चांदी या सोने की बिक्री की पेशकश करते। जैसे ही दुकानदार ज्वैलरी दिखाने या पैसे लेने के लिए पीछे हटते, ये लोग मौका पाकर नकदी और जेवर लेकर फरार हो जाते।
थाना मिलएरिया क्षेत्र के हरदासपुर चौराहे पर स्थित ज्वैलरी दुकान के मालिक मोहित सोनी ने बताया कि 30 दिसंबर 2025 को दोपहर लगभग 2 बजे एक पुरुष और महिला दुकान पर आए। उन्होंने कहा कि उनका लड़का बीमार है और पैसों की जरूरत है, इसलिए उन्हें अपने चांदी के जेवरात बेचने हैं।
जैसे ही मोहित सोनी अपने घर के अंदर गया, आरोपितों ने मौका पाकर काउंटर पर रखे 10,000 रुपये लेकर भागने की कोशिश की। लेकिन दुकानदार ने तुरंत प्रतिक्रिया दी और कुछ अन्य दुकानदारों की मदद से उन्हें थोड़ी ही दूरी पर पकड़ लिया।
रायबरेली में रिश्वत लेते कानूनगो गिरफ्तार, राजस्व विभाग में मचा हड़कंप
घटना की सूचना मिलते ही थाना मिलएरिया पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 30 दिसंबर 2025 को मु0अ0सं0-525/25 धारा 305/317 (2) बी०एन०एस० के तहत मामला दर्ज किया।
अगले दिन 31 दिसंबर 2025 को पुलिस ने घटना में शामिल चार अभियुक्तों को हिरासत में लिया और न्यायिक अभिरक्षा में भेजा। गिरफ्तार अभियुक्त हैं:
1. अर्जुन चौहान, पुत्र पुत्ती, ग्राम धरमपुर, थाना मलावाँ, जिला फतेहपुर
2. सरवन, पुत्र स्व सोहन, ग्राम सातनपुर, थाना लालगंज, जिला रायबरेली
3. सरोज, पत्नी सरवन, ग्राम सातनपुर, थाना लालगंज, जिला रायबरेली
4. करिश्मा चौहान, पत्नी अखिलेश, ग्राम नागापुर, थाना जेठवारा, जिला प्रतापगढ़ (वर्तमान पता: रामलीला मैदान, राजघाट चौकी के पास, थाना कोतवाली नगर, जिला रायबरेली)
रायबरेली पुलिस
पुलिस हिरासत में अभियुक्तों से कड़ाई से पूछताछ की गई। उन्होंने बताया कि उनका गैंग ज्वैलर्स की दुकानों पर जाता है, बच्चे की बीमारी का बहाना बनाकर दुकानदार को उलझाता है और मौका पाकर दुकान में रखे नकदी और जेवरात चोरी कर लेता है।
पुलिस और दुकानदारों की सतर्कता के कारण यह चोरी शुरुआत में ही नाकाम हो गई। अधिकारियों ने बताया कि इस गैंग की गतिविधियों पर निगरानी जारी है और बाकी सहयोगियों को भी जल्द पकड़ने के प्रयास किए जा रहे हैं।
थाना मिलएरिया पुलिस ने व्यापारियों और आम जनता से अपील की है कि यदि कोई संदिग्ध व्यक्ति दुकानों में इसी तरह का बहाना बनाकर आए तो तुरंत पुलिस को सूचना दें। छोटे-छोटे संकेतों पर ध्यान देना और सतर्क रहना चोरी जैसी घटनाओं से बचाव में मदद कर सकता है।
रायबरेली में बैंक घोटाला: फर्जी दस्तावेजों से 9 करोड़ का लोन, 48 पर एफआईआर
गिरफ्तार अभियुक्तों को विधिक कार्यवाही के तहत न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया है। पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है ताकि गैंग के अन्य सदस्यों तक कार्रवाई पहुंचाई जा सके और व्यापारी समुदाय में सुरक्षा की भावना बढ़ाई जा सके।