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सरकारी धान क्रय अवधि 28 फरवरी तक घोषित होने के बावजूद महराजगंज में 11 फरवरी से पीसीएफ, यूपीएसएस और पीसीयू केंद्रों की मशीनें बंद हैं। तौले जा चुके हजारों कुन्तल धान का भुगतान न मिलने से किसान परेशान हैं।
समय से पहले महराजगंज में धान खरीद पर ब्रेक
Maharajganj: जनपद में धान खरीद व्यवस्था पर अचानक लगे ब्रेक ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है, तो वहीं सचिव भी आक्रोशित हैं। शासन द्वारा घोषित धान क्रय नीति के अनुसार 01 नवम्बर 2025 से 28 फरवरी 2026 तक किसानों से धान खरीद की जानी है, लेकिन जिले में संचालित पीसीएफ, यूपीएसएस और पीसीयू के धान क्रय केंद्रों की मशीनें 11 फरवरी 2026 से बंद कर दी गई हैं। इससे हजारों कुन्तल तौले जा चुके धान का भुगतान अधर में लटक गया है।
जानकारी के मुताबिक जिले के विभिन्न क्रय केंद्रों पर किसानों ने अपनी उपज की तौल करा दी थी। कई किसानों का धान गोदामों तक पहुंच चुका है, लेकिन मशीनें बंद होने के कारण भुगतान की प्रक्रिया रुक गई है। किसानों का आरोप है कि जब खरीद की अंतिम तिथि 28 फरवरी है, तो 11 फरवरी से मशीनें बंद करना शासन की नीति के विपरीत है।
भुगतान न मिलने से किसानों के सामने आर्थिक संकट गहराता जा रहा है। कई किसानों ने खेती के लिए कर्ज लिया था और अब समय पर भुगतान न मिलने से ब्याज का बोझ बढ़ रहा है। रबी की फसल की तैयारी, खाद-बीज की खरीद और पारिवारिक जरूरतों के लिए धन न मिलने से वे परेशान हैं। गांव-गांव में किसानों के बीच आक्रोश पनप रहा है।
इसके अलावा जनपद के सचिवों बृहस्पतिवार को जिलाधिकारी से मिलकर अपनी बात रखी है।
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