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प्रयागराज ट्रिपल मर्डर (IMG: Dynamite News)
Prayagraj: बंद कमरे में खून से लथपथ तीन शव, सिर और चेहरे पर बेरहमी से किए गए वार, फर्श पर फैला खून, पास में पड़ा खून से सना सिलेंडर और कमरे में पसरा ऐसा सन्नाटा कि पड़ोसियों को भनक तक नहीं लगी। प्रयागराज के शाहगंज थाना क्षेत्र के गढ़ीकलां मोहल्ले में हुए इस तिहरे हत्याकांड ने पूरे इलाके को दहला दिया है। रेलवे जंक्शन से महज 100 मीटर दूर हुई इस वारदात ने पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि हत्या के वक्त कमरे में आखिर कितने लोग मौजूद थे? क्या कमरे में सिर्फ तीन लोग थे या कोई चौथा शख्स भी मौजूद था, जिसने वारदात को अंजाम देकर सबूत मिटाने की कोशिश की?
जिस इलाके में यह ट्रिपल मर्डर हुआ, वह प्रयागराज जंक्शन के बेहद करीब है। यहां दिन-रात लोगों की आवाजाही रहती है और रेलवे स्टेशन की सुरक्षा के लिए अतिरिक्त पुलिस बल भी तैनात रहता है। इसके बावजूद इतनी बड़ी वारदात हो गई और किसी को इसकी भनक तक नहीं लगी। मोहल्ले के लोगों का कहना है कि रात के समय उन्होंने न तो कोई चीख सुनी और न ही किसी तरह का हंगामा।
घटना के बाद पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग खंगालनी शुरू कर दी है। घटनास्थल वाली गली के सामने लगे कैमरों की पिछले एक सप्ताह की फुटेज देखी जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि वारदात से पहले और बाद में कौन-कौन लोग वहां आए थे। पुलिस मृतकों के संपर्क में रहने वाले लोगों, मकान में रहने वाले अन्य किरायेदारों और आसपास के संदिग्ध व्यक्तियों से भी पूछताछ कर रही है।
एक कमरे में तीन लाशें और चारों तरफ खून! प्रयागराज के ट्रिपल मर्डर ने खड़े किए कई सवाल
पुलिस की शुरुआती जांच में घरेलू विवाद की आशंका भी जताई गई है। एक अधिकारी के अनुसार मृतक की पत्नी अक्सर बीमार रहती थी और इसी बात को लेकर पति-पत्नी के बीच कहासुनी होती थी। स्थानीय लोगों ने भी इस तरह के विवाद की जानकारी पुलिस को दी है।
घटनास्थल से शराब की एक बोतल मिलने के बाद जांच ने नया मोड़ ले लिया है। पुलिस को आशंका है कि वारदात से पहले कमरे में शराब पी गई थी। अब सवाल यह उठ रहा है कि यदि शराब पीने के दौरान विवाद हुआ और उसी के बाद सिलेंडर से हमला किया गया तो आसपास के लोगों ने किसी तरह की आवाज या चीख-पुकार क्यों नहीं सुनी? दूसरी मंजिल पर रहने वाले किरायेदारों ने भी किसी असामान्य गतिविधि से इनकार किया है।
फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से कई अहम साक्ष्य जुटाए हैं। कमरे में खून से सना सिलेंडर मिला है, जिससे आशंका जताई जा रही है कि उसी से तीनों के सिर और चेहरे पर हमला किया गया।
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पुलिस के अनुसार गढ़ीकलां मोहल्ले में सुशीला देवी के दो मंजिला मकान में कई किरायेदार रहते हैं। पहली मंजिल पर करीब 35 वर्षीय मूक-बधिर युवक अपनी लगभग 32 वर्षीय पत्नी के साथ पिछले छह महीने से रह रहा था। दोनों बोल और सुन नहीं सकते थे। आसपास के लोग उन्हें 'गूंगा-गूंगी' कहकर बुलाते थे। दोनों कबाड़ बीनकर अपना गुजारा करते थे और रोज सुबह करीब छह बजे घर से निकल जाते थे। मंगलवार सुबह जब वे कमरे से बाहर नहीं निकले तो मकान मालकिन को शक हुआ। दरवाजा खुला मिला तो अंदर का दृश्य देखकर उनके होश उड़ गए। पति-पत्नी और करीब 45 वर्षीय एक अन्य महिला के शव खून से लथपथ बिस्तर पर पड़े थे।
पुलिस जांच में पता चला कि मृतकों के साथ मिली तीसरी महिला भी मूक-बधिर थी। हालांकि उसकी पहचान अब तक स्पष्ट नहीं हो सकी है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि वह रात में दंपती के कमरे तक कैसे पहुंची और वहां किस उद्देश्य से आई थी। कमरे से किसी भी मृतक का पहचान पत्र नहीं मिला है, जिससे उनकी पहचान और पृष्ठभूमि की जांच में भी पुलिस को दिक्कत आ रही है।
Location : Prayagraj
Published : 5 August 2026, 6:21 PM IST