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प्रतीकात्मक छवि (फोटो सोर्स- इंटरनेट)
Prayagraj: संगम नगरी प्रयागराज का मेजा इलाका सोमवार की रात एक खौफनाक वारदात से दहल उठा था। नीबी कुकुरकटवा गांव में एकतरफा प्यार और शादी की राह में रोड़ा बनने की खुन्नस में एक सिरफिरे आशिक ने अपने साथियों के साथ मिलकर एक ही परिवार के तीन बुजुर्गों की निर्मम हत्या कर दी। आरोपियों ने घर के अहाते में घुसकर लकड़ी के खूंटे से सिर पर ताबड़तोड़ वार कर तीनों को मौत के घाट उतार दिया। इस तिहरे हत्याकांड से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। पुलिस ने मुठभेड़ के बाद मुख्य आरोपी समेत पांच लोगों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि लापरवाही बरतने के आरोप में स्थानीय चौकी इंचार्ज को सस्पेंड कर दिया गया है।
सोमवार रात करीब 10:30 बजे, जब पूरा गांव सोने की तैयारी कर रहा था, नीबी कुकुरकटवा गांव में स्थित श्यामलाल गुप्ता के घर में मौत ने दस्तक दी। पड़ोसी युवक हिमांशु यादव अपने दो साथियों राजन यादव और निहाल गौतम के साथ हथियारबंद होकर घर में दाखिल हुआ। आरोपियों ने परिवार पर जानलेवा हमला बोल दिया। जान बचाने के लिए पीड़ित इधर-उधर भागे, लेकिन बेरहम हत्यारों ने उन्हें घेर लिया। आरोपियों ने अहाते में रखे खूंटे से सिर पर वार कर श्यामलाल गुप्ता (65), उनकी भाभी अमरावती (55) और इंद्रावती (60) को बेरहमी से मार डाला। वारदात के बाद शव घर के भीतर से लेकर बाहर तक खून से लथपथ हालत में पड़े मिले। हालांकि, आरोपियों ने श्यामलाल की मानसिक रूप से बीमार पत्नी फूलकली को कोई नुकसान नहीं पहुंचाया।
Prayagraj Triple Murder: ट्रिपल मर्डर से दहली संगमनगरी, बुजुर्ग दंपति और बेटी के शव मिलने से सनसनी
इस खूनी खेल की स्क्रिप्ट कई महीनों से लिखी जा रही थी। पुलिस पूछताछ और परिजनों के बयानों से जो हकीकत सामने आई है, वह चौंकाने वाली है। दरअसल, मुख्य आरोपी हिमांशु यादव मृतक श्यामलाल के दिवंगत छोटे भाई मंजेश की बेटी से शादी करने की जिद पर अड़ा था। परिवार इस रिश्ते के सख्त खिलाफ था। परिजनों का आरोप है कि शादी की खिलाफत करने पर हिमांशु लगातार पूरे परिवार को जान से मारने की धमकी दे रहा था। वह खुलेआम कहता था कि अगर शादी नहीं हुई तो पूरे परिवार को इसकी भारी कीमत चुकानी पड़ेगी।
विवाद की शुरुआत इस साल फरवरी में हुई थी, जब हिमांशु और किशोरी बिना बताए घर से चले गए थे। गांव में हुई पंचायत के बाद दोनों वापस आए। इसके बाद किशोरी के बड़े पापा श्यामलाल गुप्ता इस रिश्ते के सबसे बड़े विरोधी बन गए। उन्होंने सुरक्षा के लिहाज से अपनी भतीजी को करीब चार महीने पहले मांडा क्षेत्र के राजापुर स्थित उसके ननिहाल भेज दिया। लेकिन सिरफिरे हिमांशु की खुन्नस कम नहीं हुई। वह किशोरी का पीछा करते हुए उसके ननिहाल तक पहुंच जाता था और वहां भी लगातार मंडराता रहता था।
दिवंगत मंजेश गुप्ता की मौत 2021 में बीमारी से हो गई थी, जिसके बाद उनकी पत्नी सरस्वती देवी मजदूरी कर अपने चार बेटों और दो बेटियों का पालन-पोषण कर रही थीं। करीब एक सप्ताह पहले सरस्वती अपने बच्चों के साथ मांडा स्थित अपने मायके एक पारिवारिक कार्यक्रम में गई थीं। कार्यक्रम खत्म होने के बाद सोमवार को ही उन्हें बच्चों के साथ गांव लौटना था, लेकिन किसी कारणवश उनका आना टल गया। अगर सरस्वती देवी और उनके बच्चे उस रात घर पर होते, तो शायद इस हत्याकांड का दायरा और बड़ा हो सकता था।
परिजनों का गंभीर आरोप है कि उन्होंने आरोपी हिमांशु की धमकियों और उसके डरावने व्यवहार को लेकर कई बार स्थानीय पुलिस से शिकायत की थी। परिवार खौफ के साए में जी रहा था और लोग अकेले बाहर निकलने से कतराने लगे थे। उन्हें उम्मीद थी कि पुलिस सख्त कदम उठाएगी, लेकिन पुलिस की ढिलाई ने अपराधियों के हौसले बुलंद कर दिए। इस घोर लापरवाही को देखते हुए अधिकारियों ने रामनगर चौकी इंचार्ज रामविलास को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
मंगलवार की सुबह पुलिस कमिश्नर जोगेंद्र कुमार, एडिशनल पुलिस कमिश्नर डॉ अजयपाल शर्मा और डीसीपी यमुनानगर विवेक यादव भारी पुलिस बल, फॉरेंसिक टीम और डॉग स्क्वॉड के साथ मौके पर पहुंचे। साक्ष्य जुटाने के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दबिश दी। हत्या में इस्तेमाल हथियार की बरामदगी के दौरान पुलिस और मुख्य आरोपी के बीच मुठभेड़ हो गई, जिसमें मुख्य आरोपी हिमांशु यादव के पैर में पुलिस की गोली लगी है। पुलिस ने हिमांशु, उसके साथियों राजन यादव और निहाल गौतम समेत कुल पांच लोगों को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया है। शाम को जब पोस्टमार्टम के बाद तीनों शव गांव पहुंचे तो कोहराम मच गया और पूरे गांव में दहशत का माहौल बना हुआ है।
Location : Prayagraj
Published : 17 June 2026, 3:36 PM IST