मां का हाथ कटने से भड़के ITBP जवान, 100 जवानों संग पुलिस कमिश्नर ऑफिस पहुंचे, डॉक्टरों पर गंभीर आरोप

कानपुर में ITBP जवान विकास सिंह ने अपनी मां का हाथ कटने के मामले में कृष्णा हॉस्पिटल के डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाया है। जवान का कहना है कि गलत इलाज की वजह से उनकी मां का हाथ काटना पड़ा। CMO की जांच रिपोर्ट से नाराज होकर करीब 100 ITBP जवान पुलिस कमिश्नर कार्यालय पहुंच गए और डॉक्टरों को बचाने का आरोप लगाया। मामले को लेकर पुलिस और स्वास्थ्य विभाग अलर्ट पर है।

Post Published By: Asmita Patel
Updated : 23 May 2026, 3:34 PM IST
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Kanpur: कानपुर में एक निजी अस्पताल पर इलाज में लापरवाही के आरोप को लेकर बड़ा हंगामा देखने को मिला। आईटीबीपी जवान विकास सिंह अपनी मां का हाथ कटने के मामले में न्याय की मांग को लेकर करीब 100 जवानों के साथ पुलिस कमिश्नर कार्यालय पहुंच गए। जवानों ने आरोप लगाया कि कृष्णा हॉस्पिटल के डॉक्टरों की लापरवाही की वजह से उनकी मां का हाथ काटना पड़ा, लेकिन अब सीएमओ कार्यालय डॉक्टरों को बचाने की कोशिश कर रहा है। शनिवार सुबह पुलिस कमिश्नर कार्यालय के बाहर अचानक बड़ी संख्या में आईटीबीपी के जवान पहुंचने से हड़कंप मच गया। जवानों की करीब 15 से ज्यादा गाड़ियां और ट्रक परिसर में खड़े दिखाई दिए। भारी संख्या में फोर्स को देखते हुए पुलिस प्रशासन भी अलर्ट मोड में आ गया।

पुलिस कमिश्नर कार्यालय का किया घेराव

आईटीबीपी जवान विकास सिंह अपने साथियों के साथ सुबह करीब 11:15 बजे पुलिस कमिश्नर कार्यालय पहुंचे। उन्होंने पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल और अपर पुलिस आयुक्त कानून व्यवस्था डॉ. विपिन कुमार ताडा से मुलाकात की। जवानों का आरोप था कि उनकी शिकायत पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। विकास सिंह ने कहा कि उनकी मां के इलाज में हुई गंभीर लापरवाही के बावजूद अस्पताल प्रबंधन और डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की जा रही।

सांस की दिक्कत पर अस्पताल में कराया था भर्ती

आईटीबीपी जवान विकास सिंह के मुताबिक 13 मई की शाम उनकी मां निर्मला देवी को सांस लेने में दिक्कत हो रही थी। इसके बाद उन्होंने उन्हें कृष्णा हॉस्पिटल में भर्ती कराया। आरोप है कि भर्ती होने के करीब 12 घंटे बाद 14 मई को उनकी मां के दाहिने हाथ में अचानक सूजन आने लगी। जब उन्होंने अस्पताल के डॉक्टरों से इसकी जानकारी ली तो उन्हें कहा गया कि सूजन धीरे-धीरे खत्म हो जाएगी।

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दूसरे अस्पताल में ले जाने पर सामने आई सच्चाई

विकास सिंह ने बताया कि जब उन्होंने अपने साथी जवानों से इस बारे में चर्चा की तो उन्हें तुरंत दूसरे अस्पताल में ले जाने की सलाह दी गई। इसके बाद 14 मई की शाम ही उनकी मां को पारस हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया। वहां डॉक्टरों ने जांच के बाद बताया कि हाथ में गंभीर संक्रमण फैल चुका है। हालत इतनी खराब हो गई थी कि डॉक्टरों को 17 मई को निर्मला देवी का हाथ काटना पड़ा।

मां का कटा हाथ लेकर पहुंचे थे कमिश्नर ऑफिस

घटना के बाद विकास सिंह लगातार न्याय की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि उन्होंने दो दिन तक रेलबाजार पुलिस और एसीपी कार्यालय के चक्कर लगाए, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद वह अपनी मां का कटा हुआ हाथ लेकर पुलिस कमिश्नर कार्यालय पहुंच गए थे। यह मामला सामने आते ही पूरे शहर में चर्चा का विषय बन गया। पुलिस कमिश्नर ने मामले की गंभीरता को देखते हुए सीएमओ को जांच कर स्पष्ट रिपोर्ट देने के निर्देश दिए थे।

CMO की रिपोर्ट पर उठे सवाल

शुक्रवार को सीएमओ कार्यालय की जांच रिपोर्ट सामने आई। आरोप है कि रिपोर्ट में संभावनाओं के आधार पर बातें कही गईं, लेकिन डॉक्टरों की स्पष्ट जिम्मेदारी तय नहीं की गई। पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल ने भी इस रिपोर्ट पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि संभावनाओं के आधार पर नहीं बल्कि स्पष्ट तथ्यों के साथ रिपोर्ट दी जाए और दोष तय कर कार्रवाई की संस्तुति की जाए।

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डॉक्टरों को बचाने का आरोप

विकास सिंह ने आरोप लगाया कि सीएमओ कार्यालय जानबूझकर डॉक्टरों को बचाने की कोशिश कर रहा है। उनका कहना है कि अगर निष्पक्ष जांच हो तो अस्पताल और डॉक्टरों की लापरवाही साफ सामने आ जाएगी। उन्होंने कहा कि उनकी मां की जिंदगी हमेशा के लिए बदल गई, लेकिन अब तक जिम्मेदार लोगों पर कोई सख्त कार्रवाई नहीं हुई।

Location :  Kanpur

Published :  23 May 2026, 3:34 PM IST

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